दिल्ली में उत्पात, हिंसा, उपद्रव: ताजिया जुलूस के दौरान तांडव, बसों के शीशे टूटे; यात्रियों ने झुककर बचाई जान
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी तो जुलूस में शामिल लोग इधर से उधर भागने लगे। इस दौरान धक्कामुक्की होने से बाइक से जा रहे कई लोग गिर गए।
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नांगलोई में ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने सड़क से गुजर रहे वाहनों पर पथराव करना शुरू कर दिया। इससे डीटीसी बसों में सवार महिला और बच्चे चिल्लाने लगे। पथराव होता देख कंडक्टर ने बस में सवार लोगों को तुरंत नीचे बैठने के लिए कहा। इस दौरान बस पर लगातार पथराव हो रहा था। एसी बसों के शीशे चकनाचूर होकर लोगों पर गिर रहे थे। बसों में सवार लोग किसी तरह से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, राहगीर बचने के लिए सड़क पर इधर-उधर भाग रहे थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ज्यादातर छोटे उम्र के बच्चे पथराव कर रहे थे। कुछ लोग हाथों में तलवार लेकर घूमते हुए नजर आए। सार्वजनिक और निजी वाहनों में सवार लोगों की जान सांसत में थी। ऐसे हालात को लोग अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। कार में सवार एक शख्स ने जो वीडियो बनाया। उसमें साफ तौर पर देखा जा रहा है कि उसकी कार पर सड़क की दोनों तरफ से पथराव हो रहे हैं और कार के शीशे टूट रहे हैं।
लाठीचार्ज होते ही मची भगदड़
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी तो जुलूस में शामिल लोग इधर से उधर भागने लगे। इस दौरान धक्कामुक्की होने से बाइक से जा रहे कई लोग गिर गए।
पिछले साल तक सूरजमल स्टेडियम में खत्म होता था जूलूस
बीते साल तक मोहर्रम का जुलूस सूरजमल स्टेडियम में समाप्त होता था, लेकिन इस साल पुलिस व प्रशासन ने जुलूस को चौक पर ही समाप्त करने की अनुमति दी थी। स्टेडियम के भीतर जाने के लिए मना कर दिया गया। प्रशासन व स्थानीय लोगों का कहना था कि जुलूस में मौजूद लोग अंदर स्टेडियम को नुकसान पहुंचाते थे और हरियाली को खत्म कर दिया जाता था। ऐसे में पुराने अनुभवों को देखते हुए इस बार स्टेडियम में अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।