{"_id":"6ae9fec566ba0e4f250565a4","slug":"sonia-vihar-to-get-a-goa-like-setting-though-challenges-remain-significant-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-2832-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: सोनिया विहार में होगा गोवा जैसा नजारा, चुनौतियां भी कम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: सोनिया विहार में होगा गोवा जैसा नजारा, चुनौतियां भी कम नहीं
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट
आज से शुरू होगी यमुना रिवर सफारी, क्रूज की सैर के साथ खानपान, गेमिंग और किड्स जोन का मिलेगा आनंद, जाम और प्रदूषण बड़ी चुनौती
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। यमुना किनारे सोनिया विहार में बुधवार से शुरू होने जा रही रिवर सफारी दिल्लीवासियों के लिए पर्यटन का नया आकर्षण बनने जा रही है। यहां क्रूज की सैर, खानपान, गेमिंग और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दावा है कि लोगों को दिल्ली में ही गोवा जैसा पर्यटन अनुभव मिलेगा। कभी कूड़े और गंदगी से परेशान रहने वाले यमुना किनारे के इस इलाके को अब संवारा जा रहा है। सफाई, रास्तों के निर्माण और पार्किंग की व्यवस्था के साथ दीवारों पर रंग-रोगन का काम भी तेजी से चल रहा है। हालांकि, इस पर्यटन परियोजना की राह में यातायात जाम, संकरी सड़कें और यमुना का प्रदूषण बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
यमुना किनारे ढाई पुस्ता पर शिव मंदिर सोनिया विहार के पास मंगलवार दोपहर करीब दो बजे नजारा बिल्कुल बदला हुआ दिखा। जहां कभी कूड़ा और गंदगी की समस्या होती थी वहां अब चारों तरफ सफाई और बीच में चलने के लिए साफ रास्ता बन चुका है। पार्किंग का इंतजाम भी किया जा चुका है वहीं सड़क किनारे की दीवारों पर तेजी से पेंट किया जा रहा था। सोनिया विहार रोड से जीरो पुस्ता की ओर दिल्ली जल बोर्ड के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बगल से सफारी का प्रवेश मार्ग बनाया गया है। यह इलाका पहले से ही घनी आबादी और वाहनों के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।
स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
रिवर सफारी शुरू होने से आसपास के दुकानदारों और युवाओं को कारोबार तथा रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर चाय-नाश्ते, खानपान, स्थानीय परिवहन और पार्किंग जैसी सेवाओं की मांग बढ़ेगी। परिसर में कैंटीन, फूड पार्क, गेमिंग और किड्स जोन भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे फूड स्टॉल, दुकानों, सुरक्षा और सफाई जैसी गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। सोनिया विहार के पहले पुस्ते पर रहने वाले आशीष सिंह का कहना है कि परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब स्थानीय दुकानदारों और युवाओं को भी व्यावसायिक गतिविधियों में भागीदारी का मौका मिले।
विज्ञापन
जाम से निपटना होगा बड़ी चुनौती
सोनिया विहार एमसीडी टोल के पास रहने वाले नितेश पांडे के मुताबिक, सफारी तक पहुंचने वाले पुस्ता मार्ग पर पहले से ही यातायात का दबाव है। आसपास मैरिज होम और फार्म हाउस होने के कारण शादी-विवाह के आयोजनों के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। संकरी सड़क पर अक्सर लंबा जाम लगता है। पर्यटकों की निजी गाड़ियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यातायात का दबाव कम करने के लिए नानकसर गुरुद्वारे से ट्रॉनिका सिटी तक करीब छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना है। हालांकि, प्रस्तावित डिजाइन में पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और स्थानीय यातायात की सुविधाओं को लेकर यूटीटीआईपीईसी ने बदलाव के निर्देश दिए हैं। ऐसे में परियोजना में समय लग सकता है। सफारी के साथ ही पार्किंग और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम जरूरी होंगे।
यमुना की स्वच्छता पर भी देना होगा ध्यान
स्थानीय गौरव मावी और अंकुर शर्मा का कहना है कि रिवर सफारी की सफलता के लिए यमुना की स्वच्छता बेहद जरूरी है। डीपीसीसी की सितंबर 2026 की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद केंद्र पर पानी की बीओडी 4 मिलीग्राम प्रति लीटर और फीकल कॉलीफॉर्म 1300 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया था। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ नदी में कचरा रोकने, घाटों की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की निगरानी पर ध्यान देना होगा।
आज से क्रूज की सैर का मिलेगा आनंद
योजना के मुताबिक, वजीराबाद घाट से जगतपुर स्थित शनि मंदिर घाट तक करीब छह किलोमीटर के जलमार्ग पर क्रूज चलेगा। आने-जाने की यात्रा 35 से 45 मिनट में पूरी होगी। क्रूज में एक बार में 30 यात्री बैठ सकेंगे। प्रस्तावित किराया 500 रुपये प्रति व्यक्ति और परिसर का प्रवेश शुल्क 50 रुपये रखा गया है। संचालन का समय सुबह नौ से शाम सात बजे तक प्रस्तावित है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, बायो टॉयलेट और अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था भी होगी।
विज्ञापन
आज से शुरू होगी यमुना रिवर सफारी, क्रूज की सैर के साथ खानपान, गेमिंग और किड्स जोन का मिलेगा आनंद, जाम और प्रदूषण बड़ी चुनौती
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। यमुना किनारे सोनिया विहार में बुधवार से शुरू होने जा रही रिवर सफारी दिल्लीवासियों के लिए पर्यटन का नया आकर्षण बनने जा रही है। यहां क्रूज की सैर, खानपान, गेमिंग और बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दावा है कि लोगों को दिल्ली में ही गोवा जैसा पर्यटन अनुभव मिलेगा। कभी कूड़े और गंदगी से परेशान रहने वाले यमुना किनारे के इस इलाके को अब संवारा जा रहा है। सफाई, रास्तों के निर्माण और पार्किंग की व्यवस्था के साथ दीवारों पर रंग-रोगन का काम भी तेजी से चल रहा है। हालांकि, इस पर्यटन परियोजना की राह में यातायात जाम, संकरी सड़कें और यमुना का प्रदूषण बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
यमुना किनारे ढाई पुस्ता पर शिव मंदिर सोनिया विहार के पास मंगलवार दोपहर करीब दो बजे नजारा बिल्कुल बदला हुआ दिखा। जहां कभी कूड़ा और गंदगी की समस्या होती थी वहां अब चारों तरफ सफाई और बीच में चलने के लिए साफ रास्ता बन चुका है। पार्किंग का इंतजाम भी किया जा चुका है वहीं सड़क किनारे की दीवारों पर तेजी से पेंट किया जा रहा था। सोनिया विहार रोड से जीरो पुस्ता की ओर दिल्ली जल बोर्ड के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बगल से सफारी का प्रवेश मार्ग बनाया गया है। यह इलाका पहले से ही घनी आबादी और वाहनों के दबाव से जूझ रहा है। ऐसे में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
रिवर सफारी शुरू होने से आसपास के दुकानदारों और युवाओं को कारोबार तथा रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर चाय-नाश्ते, खानपान, स्थानीय परिवहन और पार्किंग जैसी सेवाओं की मांग बढ़ेगी। परिसर में कैंटीन, फूड पार्क, गेमिंग और किड्स जोन भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे फूड स्टॉल, दुकानों, सुरक्षा और सफाई जैसी गतिविधियों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। सोनिया विहार के पहले पुस्ते पर रहने वाले आशीष सिंह का कहना है कि परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब स्थानीय दुकानदारों और युवाओं को भी व्यावसायिक गतिविधियों में भागीदारी का मौका मिले।
विज्ञापन
जाम से निपटना होगा बड़ी चुनौती
सोनिया विहार एमसीडी टोल के पास रहने वाले नितेश पांडे के मुताबिक, सफारी तक पहुंचने वाले पुस्ता मार्ग पर पहले से ही यातायात का दबाव है। आसपास मैरिज होम और फार्म हाउस होने के कारण शादी-विवाह के आयोजनों के दौरान वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। संकरी सड़क पर अक्सर लंबा जाम लगता है। पर्यटकों की निजी गाड़ियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यातायात का दबाव कम करने के लिए नानकसर गुरुद्वारे से ट्रॉनिका सिटी तक करीब छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना है। हालांकि, प्रस्तावित डिजाइन में पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और स्थानीय यातायात की सुविधाओं को लेकर यूटीटीआईपीईसी ने बदलाव के निर्देश दिए हैं। ऐसे में परियोजना में समय लग सकता है। सफारी के साथ ही पार्किंग और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम जरूरी होंगे।
यमुना की स्वच्छता पर भी देना होगा ध्यान
स्थानीय गौरव मावी और अंकुर शर्मा का कहना है कि रिवर सफारी की सफलता के लिए यमुना की स्वच्छता बेहद जरूरी है। डीपीसीसी की सितंबर 2026 की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, वजीराबाद केंद्र पर पानी की बीओडी 4 मिलीग्राम प्रति लीटर और फीकल कॉलीफॉर्म 1300 एमपीएन प्रति 100 मिलीलीटर दर्ज किया गया था। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ नदी में कचरा रोकने, घाटों की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की निगरानी पर ध्यान देना होगा।
आज से क्रूज की सैर का मिलेगा आनंद
योजना के मुताबिक, वजीराबाद घाट से जगतपुर स्थित शनि मंदिर घाट तक करीब छह किलोमीटर के जलमार्ग पर क्रूज चलेगा। आने-जाने की यात्रा 35 से 45 मिनट में पूरी होगी। क्रूज में एक बार में 30 यात्री बैठ सकेंगे। प्रस्तावित किराया 500 रुपये प्रति व्यक्ति और परिसर का प्रवेश शुल्क 50 रुपये रखा गया है। संचालन का समय सुबह नौ से शाम सात बजे तक प्रस्तावित है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, बायो टॉयलेट और अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था भी होगी।