क्या हुआ कि अड़ा बेटा और नहीं उठने दी मां की लाश
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बदले सामाजिक परिवेश में हमारे रिश्तों की डोर कितनी कमजोर होती जा रही है कि इसका नमूना भारत नगर इलाके के राणा प्रताप बाग में बुधवार को देखने को मिला।
लंबी बीमारी के बाद 70 साल की एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला का अंतिम संस्कार करने के बजाए बेटे ने पहले प्रॉपर्टी का बंटवारा करने की जिद लगा ली। बेटे ने मां के शव को उठने नहीं दिया।
रिश्तेदारों और परिवार के अन्य सदस्यों ने खूब मिन्नत की। पुलिस को भी मौके पर बुलानी पड़ी। लेकिन देर रात तक बेटे की जिद के कारण शव नहीं उठ सका। भारत नगर थाना पुलिस ने घटना की पुष्टि की है।
जब तक प्रॉपर्टी व घर का बंटवारा नहीं होगा तब तक..
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुजुर्ग जगदीश अरोड़ा बी-5 महाराणा प्रताप बाग में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी उमा अरोड़ा का बुधवार सुबह देहांत हो गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उमा अरोड़ा की स्वाभाविक मौत हुई है। जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाने लगा तो बेटे रोहित ने शव को उठने नहीं दिया।
बेटे का कहना था कि जब तक प्रॉपर्टी व घर का बंटवारा नहीं होगा तब तक शव को नहीं उठने दिया जाएगा। रोहित और उसकी पत्नी पारूल के बीच झगड़ा चल रहा है।
रोहित अपनी जिद पर अडिग था
बताया जा रहा है कि पारूल ने रोहित व अन्य परिजनों के खिलाफ कई मामले दर्ज करा रखे हैं। पारूल रोहित से घर में ही अलग रहती है। शाम तक जब उमा अरोड़ा का शव नहीं उठा तो उमा अरोड़ा के मायके वालों ने इसकी सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये पारिवारिक मामला है इसमें पुलिस कुछ नहीं कर सकती। इसके बावजूद पुलिस व समाज के अन्य लोग रोहित व उसकी पत्नी को समझाने में लगे हुए थे।
पर रोहित अपनी जिद पर अडिग था। रात करीब दस बजे तक खबर लिखे जाने तक शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाया जा सका था।