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कोरोनाः शहर छोड़ घर लौट रहे लोगों को समझाने सड़क पर उतरे सिसोदिया, बोले अफवाह थी बसें चलने की
Sat, 28 Mar 2020 05:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 28 Mar 2020 05:28 AM IST
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मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के बाद दिल्ली छोड़कर घर जा रहे लोगों को रोकने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत दिल्ली सरकार व पुलिस अधिकारी सड़क पर उतर गए हैं। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को राजघाट पर हरियाणा से राजस्थान जा रहे जत्थे को समझाकर रैन बेसेरे में भेजने की कोशिश की। वहीं, अलग-अलग जगहों पर अधिकारी लोगों से बातचीत कर उनको रुकने की नसीहत देते दिखे।
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राजघाट पर हरियाणा से राजस्थान जा रहे लोगों से बातचीत करते हुए सिसोदिया ने कहा कि सारे रास्ते बंद हैं। राजस्थान बहुत दूर है। आश्रम चौक के नजदीक नाइट शेल्टर है। वहां पर रुक जाओ, 10-12 दिन तक वहां रहो। ऐसे कहां जाओगे, बच्चों को लेकर। अभी वहां इंतजाम है। आगे उसको बढ़वा देंगे। हालात सामान्य होने पर वापस लौटना। लोगों को राजी करने के बाद ही सिसोदिया अपनी गाड़ी से रवाना हुए।
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इसके बाद सिसोदिया ने ट्वीट किया कि कई राज्यों में अफवाह फैल गई है कि बस बार्डर पार कर जाओ, दूसरे राज्यों में बसों के इंतजाम किए गए हैं। इसीलिए लोग राजस्थान से हरियाणा, हरियाणा से दिल्ली, दिल्ली से यूपी की तरफ आ-जा रहे हैं। लॉक डाउन विस्थापन में तब्दील हो गया है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह इस तरह की अफवाह को रोकने में मददगार बने।
45 शीर्ष शहरों के नेताओं संग केजरीवाल ने की चर्चा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग से दुनिया भर के 45 शीर्ष शहरों के नेताओं के साथ कोरोना संक्रमण को रोकने के तरीकों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने कोरोना के फैलाव को नियंत्रित करने की प्रतिबद्धता जताई। इसमें लॉस एंजिल्स के महापौर एरिक गार्सेंटी, सियोल के वोन-सोन पार्क, पेरिस के ऐनी हिडाल्गो, मिलान के गुइसेप्पा साला, इस्तांबुल के एक्रेम इमामोग्लू और रोम के वर्जीनिया रागी शामिल थे।