एक्सप्रेस-वे से ज्यादा खतरनाक हैं नोएडा की सड़कें
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सड़क हादसों को लेकर एक्सप्रेस-वे हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक्सप्रेस-वे से ज्यादा सड़क हादसे शहर की सड़कों पर होते हैं।
नोएडा पुलिस की एक रिपोर्ट इस बात की तस्दीक करती है। हादसों के लिहाज से सिटी सेंटर चौराहा सबसे खतरनाक माना गया है, जबकि यमुना एक्सप्रेस-वे तीसरे स्थान पर है।
पिछले साल की दुर्घटनाओं के आधार पर ऐसे दस स्थानों की पहचान की गई है जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं।
आंकडे़ जानकर चौंक जाएंगे आप
रिपोर्ट के मुताबिक सिटी सेंटर चौराहा दुर्घटनाओं में अव्वल स्थान पर है। इस चौराहे पर एक साल में 30 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और 8 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि शहर की दूसरी सबसे खतरनाक सड़क सेक्टर 62 की सर्विस रोड बताई गई है।
बीते सालभर में सर्विस रोड पर 15 दुर्घटनाओं में 3 जानें जा चुकी हैं। सड़क हादसों के लिहाज से यमुना एक्सप्रेस-वे तीसरे स्थान पर बताया गया है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के जेवर थाना क्षेत्र में 14 सड़क दुर्घटनाएं पिछले साल हुई जिनमें 11 लोग मारे गए। वहीं, यमुना एक्सप्रेस-वे के झाझर रोड पर 12 दुर्घटनाओं में 11 लोगों ने जान गंवाई।
ग्रेनो एक्सप्रेस-वे भी पीछे
सड़क हादसों में शहर की सड़कों ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे को भी पीछे छोड़ दिया है। एक्सप्रेस-वे पर सालभर में 20 सड़क हादसों में 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड फेस दो थाने में दर्ज है।
एक्सप्रेस-वे भले ही सड़क दुर्घटनाओं में पीछे हों, लेकिन जान लेने में सबसे आगे हैं। शहर की सड़कों के मुकाबले एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा जान जा चुकी हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे के दो स्थानों का जिक्र रिपोर्ट में है जिसमें 26 दुर्घटनाओं में 22 लोगों को जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
सीओ ट्रैफिक अनिल कुमार का कहना है कि सड़क हादसों से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस तमाम कदम उठा रही है। प्राधिकरण से इसको लेकर हमेशा सहयोग लिया जाता है। लोगों की जागरुकता से भी हादसों में कमी आएगी।