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Delhi NCR News: शाहदरा रेलवे स्टेशन पर रिवर्स वेंडिंग मशीन बंद
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प्लास्टिक रीसाइक्लिंग अभियान को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। पर्यावरण संरक्षण व प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए शाहदरा रेलवे स्टेशन पर लगाई गई रिवर्स वेंडिंग मशीन (आरवीएम) काफी समय से बंद पड़ी है। इसके चलते स्टेशन परिसर व प्लेटफॉर्म पर प्लास्टिक की खाली बोतलें बिखरी हुई हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था व रीसाइक्लिंग अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रेलवे ने यात्रियों को प्लास्टिक बोतलों के निपटारे के लिए यह मशीन उपलब्ध कराई थी, जिसमें बोतल डालने पर वह रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के लिए जमा हो जाती थी। मशीन बंद होने से यात्री इस्तेमाल नहीं कर पा रहे और बोतलों को प्लेटफॉर्म, ट्रैक किनारे या सामान्य कूड़ेदानों में फेंकने को मजबूर हैं।
इससे प्लास्टिक कचरे की मात्रा बढ़ रही है, जिससे स्टेशन की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। रेलवे एक ओर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर मशीन के बंद रहने से यह पहल कमजोर पड़ रही है। आरवीएम का उद्देश्य प्लास्टिक बोतलों को सीधे रीसाइक्लिंग चक्र में शामिल करना था, लेकिन फिलहाल यह व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। यात्रियों ने रखरखाव पर सवाल उठाते हुए मशीन को जल्द चालू करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। पर्यावरण संरक्षण व प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए शाहदरा रेलवे स्टेशन पर लगाई गई रिवर्स वेंडिंग मशीन (आरवीएम) काफी समय से बंद पड़ी है। इसके चलते स्टेशन परिसर व प्लेटफॉर्म पर प्लास्टिक की खाली बोतलें बिखरी हुई हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था व रीसाइक्लिंग अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रेलवे ने यात्रियों को प्लास्टिक बोतलों के निपटारे के लिए यह मशीन उपलब्ध कराई थी, जिसमें बोतल डालने पर वह रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के लिए जमा हो जाती थी। मशीन बंद होने से यात्री इस्तेमाल नहीं कर पा रहे और बोतलों को प्लेटफॉर्म, ट्रैक किनारे या सामान्य कूड़ेदानों में फेंकने को मजबूर हैं।
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इससे प्लास्टिक कचरे की मात्रा बढ़ रही है, जिससे स्टेशन की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। रेलवे एक ओर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर मशीन के बंद रहने से यह पहल कमजोर पड़ रही है। आरवीएम का उद्देश्य प्लास्टिक बोतलों को सीधे रीसाइक्लिंग चक्र में शामिल करना था, लेकिन फिलहाल यह व्यवस्था बेअसर साबित हो रही है। यात्रियों ने रखरखाव पर सवाल उठाते हुए मशीन को जल्द चालू करने की मांग की है।
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