पति-पत्नी और वो: तीसरे के चक्कर में दरक रहे रिश्ते, इन कारणों को न करें अनदेखा, यहीं से बिगड़ना शुरू होती बात
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि कोरोना के दौर में समय पास करने के लिए सोशल मीडिया से लोगों के बीच संपर्क बढ़ा था। उस संपर्क के बीच बने रिश्तों को पति या पत्नी अपने वास्तविक जीवन में उतारना चाहते हैं, इस कारण से पति-पत्नी के बीच दरार बढ़ने लगी।
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मां-बाप से अलग होने के बावजूद तीसरे के चक्कर में पति-पत्नी के आपसी रिश्ते दरक रहे हैं। एमएमजी अस्पताल में सप्ताह में 15 से 20 दंपती काउंसिलिंग के लिए आ रहे हैं। तीन बार की काउंसिलिंग के बाद 80 फीसदी मामलों में सुधार आ रहा है, जबकि 20 फीसदी मामले अदालत में पहुंच रहे है।
एमएमजी अस्पताल में संचालित मानसिक प्रकोष्ठ विभाग में काउंसिलिंग कराने के लिए आने वाले अधिकांश जोड़े मध्यम वर्गीय परिवार के हैं। प्रकोष्ठ की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. चंदा यादव का कहना है कि रोजाना दो से तीन जोड़े काउंसिलिंग के लिए आते हैं। जो दंपती अपनी कमियों को दूर करते हैं, वह तीन बार की काउंसिलिंग में ही सामान्य हो जाते हैं। पर्सनालिटी ट्रेंट (व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले कारक) मामलों में आठ से 10 बार काउंसिलिंग की जरूरत होती है, इसके बावजूद 20 फीसदी मामलों में सुधार नहीं हो पाता है, जो तलाक के लिए अदालत चले जाते हैं।
5507 मामले अदालत में हैं विचाराधीन
परिवार न्यायालय से संबंधित मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता राजकुमार चौहान का कहना है कि इस समय अदालत में तलाक के 5507 मामले विचाराधीन हैं। मुकदमा दाखिल होने के बाद परिवार न्यायालय के न्यायाधीश पहले परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसिलिंग कराते हैं। कुछ मामले निस्तारित हो जाते हैं, लेकिन कई मामलों में तलाक की अर्जी लगाते हैं। महज दो से तीन फीसदी मामले दहेज प्रताड़ना के होते हैं, शेष शादी के बाद दूसरों से संबंध होने और एक दूसरे को समय न दे पाने, जरूरतें पूरा नहीं करने वाले होते हैं।
सोशल मीडिया ने बढ़ाई दूरी
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि कोरोना के दौर में समय पास करने के लिए सोशल मीडिया से लोगों के बीच संपर्क बढ़ा था। उस संपर्क के बीच बने रिश्तों को पति या पत्नी अपने वास्तविक जीवन में उतारना चाहते हैं, इस कारण से पति-पत्नी के बीच दरार बढ़ने लगी। ऐसे में तनाव बढ़ने से एंजाइटी का स्तर बढ़ जाता है तो कई बार तत्काल दवाई शुरू करनी पड़ती है लेकिन इसका समाधान काउंसिलिंग से ही हो पाती है।
पति-पत्नी के बीच में दरार का कारण
शादी के बाद पति या पत्नी के दूसरे से संबंध होना
विचारों का न मिलना
एक दूसरे के लिए समय नहीं देना
बच्चा मानसिक कमजोर पैदा होने पर देखभाल को लेकर लड़ाई-झगड़े
शादी से पहले सजाए सपने टूटने पर आए दिन झगड़ा होना
केस : एक
पत्नी ने किया आत्महत्या का प्रयास
मोदीनगर क्षेत्र में रहने वाले दंपती नोएडा में अलग-अलग कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। दोनों की वार्षिक आय तीस लाख से अधिक है। पत्नी को खुश रखने के लिए पति ने मां-बाप से अलग होकर क्राॅसिंग रिपब्लिक में फ्लैट ले लिया। इसके बावजूद पत्नी ने चार अक्तूबर को आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बारे में युवक ने अपने दोस्त मानसिक रोग विशेषज्ञ को बताया तो डॉक्टर ने एमएमजी में भर्ती कराया। पांच दिन में डिस्चार्ज होने के बाद दोनों की काउंसिलिंग चल रही है। पत्नी ने बताया कि पति के दूसरी महिला से संबंध हैं।
केस : दो
जरूरतें पूरी नहीं करते, दूसरी से संबंध का शक
पत्नी निजी स्कूल में शिक्षिका और पति एक दवाई कंपनी में कार्यरत है। दोनों के बीच सिर्फ इस बात पर झगड़े होते हैं कि पति समय नहीं देता और वेतन का हिसाब नहीं देता। पत्नी को शक रहता है कि किसी दूसरी महिला से संबंध हैं और उसी पर रुपये खर्च करता है। चार काउंसिलिंग के बाद अब स्थिति सामान्य है।