35 साल में नहीं देखी ऐसी बगावत
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वर्ष 1977 में लोकसभा क्षेत्र बनने के बाद से फरीदाबाद सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। 15
लगभग 35 साल से पार्टी में जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाल रहे बलदेव राज ओझा ने इस स्थिति पर ‘अमर उजाला’ से अपने दिल का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है इसलिए इसमें लोगों की नाराजगी कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन इस बार जिस स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों ने अपनी ही पार्टी से बगावत की है उससे काफी व्यथित हूं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र के अधिकांश विधायकों ने पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी। बल्कि उनके खिलाफ काम करना अपनी शान समझा। नौकरशाहों ने कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मन खिन्न रहा। उसके बाद विधायकों और बड़े पदाधिकारियों ने बगावत करके आग में घी डालने का काम किया।
प्रत्याशी भड़ाना पहले जता चुके हैं नाराजगी
बी आर ओझा का मानना है कि अगर पार्टी के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो इसका
विधानसभा चुनाव में गलत असर पड़ेगा। ऐसे लोगों के टिकट हर हाल में कटने
चाहिए। ओझा के मुताबिक कुछ विधायक और बड़े पदाधिकारी ऐसे थे,
जिन्होंने मौजूदा सांसद एवं प्रत्याशी अवतार भड़ाना के साथ फोटो तो खिंचवाई
लेकिन अंदर से फील्डिंग किसी और के लिए सजाई।
धोखा देने वाले ऐसे लोगों की एक सूची जिला कांग्रेस कमेटी भी बना रही है। इसके बावजूद हम मानते हैं कि हमारी स्थिति कमजोर नहीं है। पार्टी
के राष्ट्रीय सचिव एवं फरीदाबाद से प्रत्याशी अवतार भड़ाना पहले ही कह
चुके हैं कि सीएम के रिश्तेदार, उनके खास लोग, मुख्य संसदीय सचिव, मंत्री,
विधायक सबने साजिश के तहत उनके खिलाफ काम किया।
जिन्होंने किया दूसरी पार्टी के लिए काम
जिले की कार्यकारिणी में 41 लोग हैं।
अलग-अलग विंग के 22 चेयरमैन हैं।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के 9 अध्यक्ष हैं।
जिले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 9 डेलीगेट हैं।
(पार्टी के मुताबिक इन 81 बड़े पदाधिकारियों की फौज में विधायक भी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश ने किसी और के लिए काम किया)।