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'देश का बिगड़ता माहौल रोक देगा विकास का पहिया'

Sun, 01 Nov 2015 01:01 AM IST
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:01 AM IST
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RBI governor says tolerance can take offence out of debate, and instill respect

आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र और वर्तमान में आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे। वहां रघुराम राजन छात्रों से मुखातिब हुए और कुछ ऐसे मुद्दों को छुआ जो इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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अपना संबोधन शुरू करने से पहले ही राजन ने छात्रों से कह दिया था कि अक्सर दीक्षांत समारोहों में चीफ गेस्ट ऐसी स्पीच देते हैं जो छात्र भुला देते हैं। लेकिन वो ऐसी स्पीच नहीं देंगे और अर्थशास्त्र जैसे बोरिंग सब्जेक्ट पर तो बिल्कुल नहीं बोलेंगे जो छात्र भुला दें। उनकी स्पीच सबको याद रहेगी।
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इस समय देश में जिस तरह साहित्यकार, इतिहासकार और फिल्मकार अपने सम्मान वापस कर रहे हैं रघुराम राजन ने उस स्थिति को काफी चिंता जनक बताया है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पर किस तरह इसका बुरा असर पड़ेगा व डीबेट करने की हमारी संस्कृति पर क्या आघात लगेगा इसी पर आरबीआई गवर्नर ने छात्रों को संबोधित किया।
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रघुराम ने दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में सामंजस्य बनाए रखने के लिए सहशीलता और एक दूसरे का सम्मान करना बहुत जरूरी है क्योंकि यही चीजें समाज को संतुलित रखती हैं। उन्होंने डीबेट करने की आदत पर बहुत बल देते हुए उसे जारी रखने की बात कही।

डिबेट की संस्कृति से होता है विकास

RBI governor says tolerance can take offence out of debate, and instill respect

रघुराम राजन ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति जिसमें हर पसंद ना आने वाली सोच को बैन करने की बात हो रही है उससे समाज में नए विचार आने बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी को भी अपने ढंग से सवाल उठाने और जीवन जीने का ‌अधिकार होना चाहिए जब तक कि उससे किसी दूसरे को नुकसान ना पहुंचे।

रघुराम राजन ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि सवाल उठाना, बहस करना और नए विचारों के बारे में सोचना उन्होंने आईआईटी से ही सीखा है। राजन बोले कि दूसरों के विचार को सुनकर हम जो तुरंत नाराज हो जाते हैं उसे तब ही खत्म किया जा सकता है, जब हम ऐसा वातावरण पैदा करें जिसमें दूसरे के विचारों को सुनने और उसे सम्मान देने का भाव आए। वो तभी होगा जब लोगों में सहनशीलता ‌और दूसरे के विचारों का सम्मान करने की आदत बढ़ेगी।

उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे अति लाइसेंस राज ने समाज को क्षति पहुंचाई और हमारे विकास को रोका वैसे ही अगर हर चीज में राजनीति आएगी तो उससे भी सामाजिक और आर्थिक विकास प्रभावित होगा।

'थियेटर इसलिए जाते थे ताकि लड़कियों के साथ बिता सकें समय'

RBI governor says tolerance can take offence out of debate, and instill respect

रघुराम राजन ने अपने छात्र जीवन की एक मजेदार घटना के बारे में बताते हुए छात्रों से कहा कि आईआईटी की खासियत ये है कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ अन्य एक्टिविटीज भी खूब होती हैं।

हमारे जमाने में लड़के सबसे ज्यादा थियेटर में जाना और हिस्सा लेना पसंद करते थे क्यों‌कि उसके बहाने उन्हें लड़कियों से ज्यादा बातचीत करने और उनके साथ समय बिताने का मौका मिलता था।

उन्होंने कहा कि लेकिन एक्टिंग में अच्छा ना होने के कारण वो थियेटर क्लासेज में नहीं जा पाते थे। बता दें कि अपने इसी भाषण की वजह से रघुराम राजन ट्विटर ट्रेंड में भी हैं।

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