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दिल्ली के कामगारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 2017 की अधिसूचना के तहत मिलेगी मजदूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Nov 2018 04:16 AM IST
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supreme court
- फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने से संबंधित अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया था। कोर्ट ने कामगारों को पांच मार्च 2017 की अधिसूचना के तहत मजदूरी देने के लिए कहा है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यी पीठ ने बुधवार को साफ किया कि मार्च, 2017 की अधिसूचना के तहत कामगारों को मजूदरी दी जाएगी। हालांकि एरियर पर पीठ बाद में विचार करेगी। पीठ ने दिल्ली सरकार को तीन महीने के भीतर नए सिरे से न्यूनतम मजूदरी तय करने के लिए कवायद शुरू करने के लिए कहा है।
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मालूम हो कि दिल्ली हाईकोर्ट ने गत चार अगस्त को पांच मार्च, 2017 की अधिसूचना को संविधान के विरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया था। तकनीकी आधार पर हाईकोर्ट ने अधिसूचना को निरस्त किया था। हाईकोर्ट के इस फैसले को दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उस अधिसूचना के तहत, दिल्ली में अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी 13,500, अर्धकुशल मजदूरों की 14,696 रुपये और कुशल मजदूरों के लिए 16,198 रुपये निर्धारित की गई थी।
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