फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Questions on the number of guest teachers in delhi

गेस्ट टीचर्स के पदों की संख्या पर उठे सवाल 

Fri, 29 Sep 2017 09:30 AM IST
बयूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
बयूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 Sep 2017 09:30 AM IST
विज्ञापन
Questions on the number of guest teachers in delhi
demo pic - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सरकार के गेस्ट शिक्षकों को नियमित किए जाने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठाने का कारण है भर्ती के लिए कुल रिक्त पद और गेस्ट शिक्षकों की संख्या में काफी अंतर है। ऐसे में सरकार के शिक्षकों के फैसले को पक्का करने को खेल बताया जा रहा है। सरकार के अतिथि शिक्षकों को नियमित करने के फैसले पर हाईकोर्ट बुधवार को ही रोक लगा चुका है। वहीं इस पर सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का अतिथि शिक्षकों को नियमित करने के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।  
विज्ञापन


गर्वनमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) के उपाध्यक्ष राजवीर छिकारा व महासचिव अजय वीर यादव ने बताया कि गेस्ट शिक्षकों की संख्या 16,747 हैं जबकि भर्ती के लिए कुल रिक्त पद 8083 हैैं। आंकड़ों के मुताबिक शिक्षा निदेशालय में सीधी भर्ती के लिए पीजीटी के 1807 पद, टीजीटी के 3661 पद व सहायक अध्यापक सहित अन्य विषयों के शिक्षकों के 2615 पद पद रिक्त हैं। जबकि लगभग 16, 747 गेस्ट टीचर्स अभी कार्यरत हैं। ऐसे में सरकार किस फॉर्मूले से इन्हें पक्का करने का कैबिनेट बिल पास कर रही है।
विज्ञापन

 
भर्ती नियमों के अनुसार 75 फीसदी पद प्रमोशन से भरे जाते हैं, 25 फीसदी सीधी भर्ती से भरे जाते हैं। इसमें कोई फेर बदल नहीं हो सकता। अजय वीर यादव ने बताया कि सीधी भर्ती में भी शिक्षा विभाग में कार्यरत स्थायी शिक्षक भी आवेदन करते हैं तथा अधिकांश सफल होते हैं। इसलिए यदि अनुभव का वेटेज मिले तो स्थायी शिक्षकों का भी अधिकार बनता है। सरकार इस मुद्दे पर राजनीति ना करके शिक्षकों की भर्ती करे। उधर सरकार के फैसले पर कोर्ट के रोक लगाने के मामले में दिल्ली सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का अतिथि शिक्षकों को नियमित करने के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली सरकार का फैसला शिक्षकों की नई भर्ती या प्रमोशन से नहीं जुड़ा है। फिर यह बिल अभी विधानसभा में जाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed