हर ओर केजरीवाल के वादे करेंगे उनका पीछा
जनता से किए वादों के सहारे ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री सोमवार से जब काम संभालेंगे तो हर जगह वादों से उनका सामना होगा।
पार्टी ने जिस 70 प्वाइंट एजेंडे का वादा किया है, उनमें उर्दू और पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा दिलाना, अनुबंध पर काम करनेवाले गार्ड और लिफ्टमैन को पक्का करना, अशक्त लोगों के सचिवालय के अंदर तक जाने की व्यवस्था, अनधिकृत कॉलोनी को सुविधा देने और दिल्ली को वाई-फाई करने सहित तमाम वादे उनकी सरकार का पीछा करेंगे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके मंत्री को सैल्यूट करने वाला गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर और सफाई कर्मी जैसे सचिवालय के कर्मचारी अनुबंध पर काम करते हैं। इन कर्मचारियों को उन्होंने अपने घोषणापत्र में पक्का करने का वादा किया है।
जहां तक पूरे शहर को वाई-फाई करने की बात है तो स्थिति यह है कि कमरे में अक्सर मोबाइल का नेटवर्क तक नहीं मिलता। ऐसे में रोज-रोज ये हालात वादों की याद दिलाएंगे।
सचिवालय से ही करनी होगी वादे पूरे करने की शुरुआत
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था दुरुस्त करने का वादा किया है, लेकिन राजघाट डिपो में खड़ी बसें सड़ रही हैं। जलबोर्ड व भाषा अकादमियों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं होते हैं, ऐसे में इनसे जुड़े वादे भी मुख्यमंत्री को बार-बार झकझोरेंगे
सचिवालय से ही करनी होगी वादे पूरे करने की शुरुआत
गार्ड और लिफ्ट ऑपरेटर हैं अनुबंध कर्मी
सचिवालय में मोबाइल नेटवर्क की भी दिक्कत
उर्दू व पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा देना है, सचिवालय के बोर्ड सिर्फ हिंदी व अंग्रेजी में हैं
सचिवालय के अंदर अशक्त हितैषी व्यवस्था करनी पड़ेगी