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प्रदूषण बढ़ने पर दफ्तरों का समय बदलने की तैयारी शुरू
Tue, 01 Oct 2019 11:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 01 Oct 2019 11:25 AM IST
सार
- सीएम का मानना है कि दिवाली के नजदीक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है
- इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार हरसंभव कदम उठा रही है
- इसी में एक दफ्तरों के समय में बदलाव करने से जुड़ा है
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वायु प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पराली जलाने से दिल्ली की आबोहवा खराब होने के दौरान दफ्तरों के समय को लचीला करने पर दिल्ली सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि ऑफिस खुलने व बंद होने के समय में बदलाव करने से सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी।
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नतीजतन प्रदूषण के स्तर में कमी आएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री ने सोमवार को वर्ल्ड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) के सीईओ ओपी अग्रवाल से मुलाकात की।
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डब्ल्यूआरआई दिल्ली सरकार के साथ पहले से ही काम कर रहा है। सरकार इसी संगठन के साथ मिलकर रूट रेशनलाइजेशन की योजना तैयार कर रही है। वहीं, बैठक में सम-विषम योजना के दौरान दफ्तरों के समय में बदलाव का जिम्मा भी इसी संगठन को दिया है। केजरीवाल ने गुजारिश की कि वह सरकारी विभागों में दफ्तरों के समय को लचीला बनाने की एक योजना तैयार करें।
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अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, दिवाली के नजदीक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। इसी में एक दफ्तरों के समय में बदलाव करने से जुड़ा है। दुनिया के दूसरे देशों में इसे आजमाया भी गया है। मुख्यमंत्री की सलाह थी कि योजना में औद्योगिक संगठनों को भी शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी सड़कों व जगहों की पहचान करनी है, जहां वाहनों का दबाव ज्यादा रहने के साथ जाम भी लगता है। वहीं, किस सड़क पर दफ्तर जाने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। योजना तैयार करते समय इन सड़कों पर ज्यादा ध्यान दिया जाए।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार 4-15 नवंबर के बीच सम-विषम योजना लागू करने पर काम रही है। मुख्यमंत्री के साथ पिछली मुलाकात में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सलाह दी थी कि दफ्तर के समय में बदलाव की संभावना तलाशी जाए। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।