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जॉब रैकेट का भंडाफोड़: क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, MBA पास मास्टरमाइंड; युवाओं को ऐसे जाल में फंसाता
Sun, 06 Jul 2025 04:59 PM IST
श्याम जी.
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 06 Jul 2025 04:59 PM IST
सार
नोएडा के सेक्टर-62 में फर्जी क्रूज जॉब रैकेट चलाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार युवाओं से 1.80 लाख रुपये ठगता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, टिकट और 7.50 लाख रुपये के बैंक खाते की जानकारी बरामद की है।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंटरनेशनल क्रूज पर कई तरह की नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला रैकेट पकड़ा गया है। यह पूरा रैकेट सेक्टर-62 स्थित आईथम टावर में ऑफिस खोलकर चलाया जा रहा था। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने रैकेट को चलाने वाले मास्टरमाइंड प्रेम कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रेम कुमार विशाखापट्टनम का रहने वाला है। आरोपी ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है। इसके बाद दो फर्जी कंपनी बनाकर पिछले दो साल से ठगी का रैकेट चला रहा था। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से ठगी की। बतौर एजेंट ठगी में शामिल आरोपी अभी फरार हैं।
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एडीसीपी नोएडा सुमित शुक्ला ने बताया कि रैकेट पूरी तरह से सोशल मीडिया आधारित था। एक ग्रुप जिस पर मर्चेंट नेवी की नौकरी से जुड़े आवेदन सार्वजनिक आते हैं, वहां से आरोपी डेटा निकालता था। फिर मिलने वाले नंबरों पर ऐप के माध्यम से व्हाट्सएप का एसएमएस में विज्ञापन मैसेज भेजा जाता था। साथ ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर नौकरी का विज्ञापन जारी करवाया जाता था। टारगेट नोएडा से दूर के शहरों पर होता था।
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संपर्क करने वाले बेरोजगारों युवाओं का ऑनलाइन ही इंटरव्यू लिया जाता था। फिर नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1.80 लाख रुपये लिए जाते थे। आरोपी यह बताते थे कि 50 हजार रुपये हमारी कंपनी की फीस है। 1 लाख 30 हजार रुपये एजेंट व टिकट का खर्चा है। इसके बाद वीजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करवाने के नाम पर लोगों से उनके मूल आधार कार्ड, पासपोर्ट को आरोपी जमा करवा लेते थे। फिर आरोपी कुछ समय आज-कल बताकर टरकाते रहते थे।
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दूर-दराज से बेरोजगार होने के कारण एक-दो बार चक्कर काटने नोएडा आते थे। इसके बाद थक कर बैठ जाते थे या फिर फोन करते रहते थे। पुलिस ने आरोपी प्रेम कुमार के कब्जे से मोबाइल व कुछ टिकट, वर्क ऑर्डर, गारंटी कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। थाना पुलिस व साइबर की टीम जांच में ठगी के उपयोग में लाए गए बैंक खातों को खंगाल रही हैं। एक बैंक खाते में 7.50 लाख रुपये होने की जानकारी मिली है। एडीसीपी ने बताया फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।