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Delhi: 'यह बच्चे के हित में', परीक्षा में बेटे को ले जाने के लिए हत्या के दोषी को एक महीने की पैरोल
Wed, 21 Feb 2024 06:48 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 21 Feb 2024 06:48 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
उच्च न्यायालय ने हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी को बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपने बेटे के साथ जाने के लिए एक महीने की पैरोल दी है। अदालत ने कहा, यह बच्चे के हित में है।
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न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, बच्चे की शिक्षा में माता-पिता की भागीदारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए ऐसे अवसरों को सुविधाजनक बनाना महत्वपूर्ण है। खासकर उन परिस्थितियों में जहां पिता अपनी माता-पिता की जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है, और जहां अन्य माता-पिता यानी याचिकाकर्ता की पत्नी ऐसा करने की स्थिति में नहीं हो सकती है बेटे के साथ परीक्षा केंद्र पर जाएं।
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न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि ऐसे मुद्दों से निपटते समय न्यायालय को राज्य के प्रतिस्पर्धी हितों के साथ-साथ माता-पिता की अपने बच्चों के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक गतिविधियों के प्रति अंतर्निहित जिम्मेदारी को भी संतुलित करना चाहिए।
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