मुझे मेरे बेटे से बचाओ, बुजुर्ग पिता ने हाईकोर्ट और दिल्ली पुलिस से मांगी मदद
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दिल्ली में बुजुर्ग पिता ने अपने शराबी व नशाखोर बेटे से बचाने के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। पीड़ित ने अपनी व पत्नी की जान को खतरा बताते हुए सरकार व दिल्ली पुलिस को उसकी सुरक्षा का निर्देश देने की मांग की है।
पिता का आरोप है कि उसका बेटा शराब व नशे के लिये पैसा मांगता है और पैसा नहीं देने पर उस पर लात घूंसे चलाता है और कभी जान से मारने तो कभी खुदकुशी कर सबको फंसाने की धमकी देता है।
विजय विहार राजवीर शर्मा (66) ने अपने बेटे टेकचंद उर्फ कलुआ के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। बुजुर्ग ने याचिका में कहा है कि वह अपने घर में अपनी बाकी जिंदगी सम्मान से गुजारना चाहता है।
इस याचिका में पीड़ित ने दिल्ली सरकार व एसएचओ विजय विहार को भी पक्षकार बनाया है। जस्टिस आशुतोष कुमार की पीठ के समक्ष सोमवार को याचिका पर सोमवार होगी।
शराब के पैसे नहीं देने पर पीटता है बेटा
याचिका दायर करने वाले बुजुर्ग का कहना है कि वह खुद के बनाये मकान में पत्नी के साथ रहते हैं और मजूदरी करके अपना गुजारा करते हैं। उनके दो बेटे हैं एक शादीशुदा है जो अपने परिवार के साथ उसी मकान में रहता है। दूसरा बेटा टेकचंद (21) अविवाहित है।
याची ने अधिवक्ता अमित कुमार के जरिये याचिका दायर कर कहा है कि वह किसी से कुछ नहीं लेते हैं और मजदूरी कर अपना व पत्नी का गुजारा करते हैं। उनका छोटा बेटा उन्हें कुछ नहीं देता बल्कि उन्हें ही उसका खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा वह शराब व नशे के लिये पैसा मांगता है। इसके लिये पैसा न देने पर मारपीट करता हे।
याचिका में कहा गया है कि बुजुर्ग ने अपने बेटे के हाथों मारपीट, प्रताड़ना व धमकियों से परेशान होकर दो अगस्त 2017 को थाना विजय विहार में शिकायत दी थी। पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद बुजुर्ग के बेटे ने 17 अगस्त को धक्का देकर चोट पहुंचाई। इसकी शिकायत भी थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।