{"_id":"6a8ed7a1b7003cfba2071bc6","slug":"handle-the-waterlogging-situation-by-being-on-the-ground-not-by-sitting-in-offices-lg-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-152186-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलभराव पर दफ्तरों में बैठकर नहीं, मौके पर रहकर संभालें हालात : एलजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलभराव पर दफ्तरों में बैठकर नहीं, मौके पर रहकर संभालें हालात : एलजी
विज्ञापन
जलभराव को आपदा मानकर युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश, संवेदनशील इलाकों में पंप लगाने का काम तेज होगा
मीडिया और सोशल मीडिया पर मिली शिकायतों का रियल टाइम समाधान करेंगे विभागाध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जलभराव को आपदा मानते हुए सभी विभागों और एजेंसियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। एलजी ने साफ कहा कि बाढ़ जैसे हालात में विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी दफ्तरों में बैठकर निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव के काम की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एलजी ने देर शाम हुई बैठक में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में कम समय में हुई भारी और रिकॉर्ड बारिश से पैदा हुए जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी, एमसीडी, यातायात पुलिस और प्रशासन समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने निर्देश दिया कि जलभराव की स्थिति को लेकर पूरी सरकारी मशीनरी एक साथ काम करे। विभागों के बीच तालमेल में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी विभागाध्यक्ष और इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चौबीसों घंटे जमीन पर सक्रिय रहें। बाढ़ की स्थिति में अधिकारी खुद सड़कों पर जाकर राहत कार्यों की निगरानी करेंगे।
जलभराव होने से पहले ही रोकें : एलजी ने कहा कि केवल जलभराव के बाद राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति पैदा ही न हो, इसके लिए पहले से तैयारी करनी होगी। उन्होंने शहर के सभी चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जलभराव को रोकने के लिए जरूरी संसाधनों की तैनाती में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
दशकभर की बदहाल व्यवस्था बनी चुनौती : बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन पिछले तीन मानसून की तुलना में हालात बेहतर हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले करीब एक दशक में ड्रेनेज और इससे जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं में हुई अनदेखी से कई पुरानी समस्याएं पैदा हुई हैं। इन विरासत में मिली समस्याओं को पूरी तरह दूर करने में समय लग रहा है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई : एलजी ने मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से मिलने वाली नागरिकों की शिकायतों के तत्काल समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्रवाई केवल कागजों पर नहीं दिखनी चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर नजर आना चाहिए। संबंधित विभागों को लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अंत में एलजी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्राथमिकता नागरिकों को तत्काल राहत देने और सुरक्षित व बेहतर तरीके से विकसित दिल्ली सुनिश्चित करने की होनी चाहिए।
विज्ञापन
मीडिया और सोशल मीडिया पर मिली शिकायतों का रियल टाइम समाधान करेंगे विभागाध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जलभराव को आपदा मानते हुए सभी विभागों और एजेंसियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। एलजी ने साफ कहा कि बाढ़ जैसे हालात में विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी दफ्तरों में बैठकर निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव के काम की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। एलजी ने देर शाम हुई बैठक में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में कम समय में हुई भारी और रिकॉर्ड बारिश से पैदा हुए जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी, एमसीडी, यातायात पुलिस और प्रशासन समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने निर्देश दिया कि जलभराव की स्थिति को लेकर पूरी सरकारी मशीनरी एक साथ काम करे। विभागों के बीच तालमेल में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी विभागाध्यक्ष और इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चौबीसों घंटे जमीन पर सक्रिय रहें। बाढ़ की स्थिति में अधिकारी खुद सड़कों पर जाकर राहत कार्यों की निगरानी करेंगे।
जलभराव होने से पहले ही रोकें : एलजी ने कहा कि केवल जलभराव के बाद राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति पैदा ही न हो, इसके लिए पहले से तैयारी करनी होगी। उन्होंने शहर के सभी चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर पंप लगाने का काम युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जलभराव को रोकने के लिए जरूरी संसाधनों की तैनाती में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
दशकभर की बदहाल व्यवस्था बनी चुनौती : बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन पिछले तीन मानसून की तुलना में हालात बेहतर हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि पिछले करीब एक दशक में ड्रेनेज और इससे जुड़ी दूसरी व्यवस्थाओं में हुई अनदेखी से कई पुरानी समस्याएं पैदा हुई हैं। इन विरासत में मिली समस्याओं को पूरी तरह दूर करने में समय लग रहा है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई : एलजी ने मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से मिलने वाली नागरिकों की शिकायतों के तत्काल समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कार्रवाई केवल कागजों पर नहीं दिखनी चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर नजर आना चाहिए। संबंधित विभागों को लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अंत में एलजी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्राथमिकता नागरिकों को तत्काल राहत देने और सुरक्षित व बेहतर तरीके से विकसित दिल्ली सुनिश्चित करने की होनी चाहिए।