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पार्कों की देखभाल में पार्षद की मंजूरी जरूरी करना तानाशाहीपूर्ण : देवेंद्र यादव
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नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने एमसीडी के पार्कों के रखरखाव और विकास के लिए आरडब्ल्यूए को स्थानीय पार्षद या महापौर की मंजूरी अनिवार्य किए जाने के फैसले को तानाशाहीपूर्ण और पीछे ले जाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों की भागीदारी कम होगी और पार्कों की देखभाल में अनावश्यक देरी हो सकती है।
यादव ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस सत्ता में थी, तब भागीदारी योजना के माध्यम से आरडब्ल्यूए को सामाजिक कार्यों और आसपास की सफाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। आरोप लगाया कि इस व्यवस्था से आरडब्ल्यूए के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की आशंका भी पैदा होगी। यादव के अनुसार, कई पार्षद अपने वार्ड की जिम्मेदारियों को ही पूरी तरह नहीं निभा पा रहे हैं, ऐसे में उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है। यादव ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आरडब्ल्यूए को पार्कों के रखरखाव के लिए मानक शुल्क और सिविक वेस्ट सेंटरों से मुफ्त खाद उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन पार्षदों की मंजूरी अनिवार्य करने से आरडब्ल्यूए के लिए अनावश्यक अड़चन पैदा होंगी। ब्यूरो
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यादव ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस सत्ता में थी, तब भागीदारी योजना के माध्यम से आरडब्ल्यूए को सामाजिक कार्यों और आसपास की सफाई में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। आरोप लगाया कि इस व्यवस्था से आरडब्ल्यूए के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की आशंका भी पैदा होगी। यादव के अनुसार, कई पार्षद अपने वार्ड की जिम्मेदारियों को ही पूरी तरह नहीं निभा पा रहे हैं, ऐसे में उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है। यादव ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आरडब्ल्यूए को पार्कों के रखरखाव के लिए मानक शुल्क और सिविक वेस्ट सेंटरों से मुफ्त खाद उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन पार्षदों की मंजूरी अनिवार्य करने से आरडब्ल्यूए के लिए अनावश्यक अड़चन पैदा होंगी। ब्यूरो
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