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लाभ का पद: HC ने लगाई चुनाव आयोग को फटकार, सुनवाई में की थी ये लापरवाही

Sat, 24 Mar 2018 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 24 Mar 2018 09:58 AM IST
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office of profit: delhi high court blamed election commission that they were careless in hearing
aap mla - फोटो : vivek nigam

आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लाभ के पद के मामले में उसके 20 विधायकों की सदस्यता को बहाल कर दिया। चुनाव आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराए जाने के फैसले को दरकिनार करते हुए आयोग को इस केस की दोबारा सुनवाई करने का आदेश दिया। विधायकों को मिली राहत के बाद आप के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। (सभी फोटो- विवेक निगम)

office of profit: delhi high court blamed election commission that they were careless in hearing
aap mla - फोटो : vivek nigam

खचाखच भरे कोर्ट रूम में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस चंद्र शेखर की पीठ ने 79 पेज के अपने फैसले में 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की केंद्र की अधिसूचना को रद्द करते हुए कहा कि उन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ चुनाव आयोग की सिफारिश कानून गलत थी। आयोग ने सुनवाई के नियमों का उल्लंघन किया। यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है क्योंकि अयोग्य करार दिए जाने से पहले विधायकों को मौखिक रूप से अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।

office of profit: delhi high court blamed election commission that they were careless in hearing
aap mla - फोटो : vivek nigam

हाईकोर्ट ने कहा कि आयोग के फैसले में कई खामियां हैं। इस सुनवाई से चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने खुद को अलग कर लिया था, लेकिन उनके वापस आने की जानकारी विधायकों को नहीं दी गई। इसके अलावा चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा किसी भी सुनवाई में शामिल नहीं हुए, लेकिन फैसले पर उनके भी हस्ताक्षर थे।

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office of profit: delhi high court blamed election commission that they were careless in hearing
aap mla - फोटो : vivek nigam

आप विधायकों की सात याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आयोग इन विधायकों की दलीलें दोबारा सुनें और इस अहम मुद्दे का फैसला करे कि सरकार के अंतर्गत लाभ का पद लेने का क्या अर्थ है। मामले के तथ्यों के मद्देनजर यह भी तय करे कि संसदीय सचिव का पद लेने के बाद यह विधायक किस तरह अयोग्य हो गए थे।

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aap mla - फोटो : vivek nigam

सीएम ने कहा सत्य की जीत
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि यह सत्य की जीत है। जनता के चुने हुए विधायकों को गलत तरीके से अयोग्य ठहराया गया था। अदालत ने जनता के साथ न्याय किया है। यह जनता की जीत है। उन्हें बधाई देता हूं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा के बजट सत्र में राहत भरे इस फैसले की जानकारी दी तो सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया। 

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