{"_id":"2b75321be8c715d28ac8903364d0b0ed","slug":"now-trains-not-de-rail-at-the-coatgaanv-gate-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोट गांव फाटक पर अब नहीं टकराएंगी ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोट गांव फाटक पर अब नहीं टकराएंगी ट्रेनें
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 13 Feb 2015 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोट गांव फाटक पर अब खराब सर्किट की वजह से रेलगाड़ियां नहीं टकराएंगी। रेलवे ने करीब 16 साल पुरानी चली आ रही ट्रैक की कमी को दूर कर लिया है। इस ट्रैक का सर्किट बदला गया है।
ऐसे में अब कोट गांव फाटक के पास चिह्नित किए गए खास प्वाइंट को जब तक एक ट्रेन पार नहीं कर लेगी तब तक दूसरी ट्रेन को सिग्नल नहीं मिलेगा।
कोट गांव फाटक पर 26 जनवरी को ऊंचाहार के अंतिम कोच से मालगाड़ी टकरा गई थी। सिग्नल न मिलने से ऊंचाहार एक्सप्रेस कोट गांव आउटर पर खड़ी थी। पीछे दूसरे ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी को सिग्नल मिल जाने से वह एक से दूसरे ट्रैक पर जा रही थी।
इसी दौरान यह हादसा हुआ था। ट्रैक की इस तकनीकी कमी के उजागर होने पर रेलवे इंजीनियरों में हड़कंप मच गया था। नार्दन रेलवे के जीएम एके पूठिया ने भी गाजियाबाद दौरे के दौरान इस प्वाइंट का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
इसके बाद अब रेलवे इंजीनियरों ने सिग्नल के सर्किट में परिवर्तन किया है। अब कोट गांव फाटक के इस प्वाइंट से ट्रेन के करीब 100 मीटर चले जाने पर दूसरी ट्रेन को ट्रैक बदलने के लिए सिग्नल मिल सकेगा। यह सिग्नल आटोमेटिक काम करेगा।
विज्ञापन
ऐसे में अब कोट गांव फाटक के पास चिह्नित किए गए खास प्वाइंट को जब तक एक ट्रेन पार नहीं कर लेगी तब तक दूसरी ट्रेन को सिग्नल नहीं मिलेगा।
कोट गांव फाटक पर 26 जनवरी को ऊंचाहार के अंतिम कोच से मालगाड़ी टकरा गई थी। सिग्नल न मिलने से ऊंचाहार एक्सप्रेस कोट गांव आउटर पर खड़ी थी। पीछे दूसरे ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी को सिग्नल मिल जाने से वह एक से दूसरे ट्रैक पर जा रही थी।
विज्ञापन
इसी दौरान यह हादसा हुआ था। ट्रैक की इस तकनीकी कमी के उजागर होने पर रेलवे इंजीनियरों में हड़कंप मच गया था। नार्दन रेलवे के जीएम एके पूठिया ने भी गाजियाबाद दौरे के दौरान इस प्वाइंट का निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
इसके बाद अब रेलवे इंजीनियरों ने सिग्नल के सर्किट में परिवर्तन किया है। अब कोट गांव फाटक के इस प्वाइंट से ट्रेन के करीब 100 मीटर चले जाने पर दूसरी ट्रेन को ट्रैक बदलने के लिए सिग्नल मिल सकेगा। यह सिग्नल आटोमेटिक काम करेगा।