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Delhi : अब कैब की तर्ज पर एप से होगी ड्रोन की बुकिंग, छोटे किसानों को होगा बड़ा फायदा
Thu, 09 Feb 2023 10:15 AM IST
शाहरुख खान
सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 09 Feb 2023 10:15 AM IST
सार
किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब कैब की तर्ज पर एप से किसान ड्रोन बुक कर सकेंगे। ड्रोन की सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियां इसके लिए एप तैयार करवा रही हैं। बुकिंग के बाद ड्रोन संबंधित लोकेशन पर भेजा जाएगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कैब की तर्ज पर अब एप के जरिये किसान ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ड्रोन की सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियां इसके लिए एप तैयार करवा रही हैं। इससे वह छोटे व सीमांत किसानों को मांग के अनुरूप ड्रोन किराये पर ले सकेंगे। बुकिंग के बाद ड्रोन संबंधित लोकेशन पर भेजा जाएगा। किसानों को ड्रोन के इस्तेमाल के एवज में प्रति एकड़ की दर से किराया चुकाना होगा।
इससे देश के लाखों सीमांत, छोटे और मध्यम दर्जे के उन किसानों को फायदा होगा जिनकी वित्तीय सेहत ड्रोन खरीदने लायक नहीं है। देश में कृषि क्षेत्र के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ चढ़कर हो रहा है। इससे देखते हुए कंपनियों ने भी एप के जरिये किराये पर ड्रोन देने की शुरुआत की।
इससे कम रकबे में भी फसलों की अधिक पैदावार हो रही है। फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पंजाब समेत मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी एप के जरिये ड्रोन किराये पर लेने की सुविधा है।
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95 फीसदी तक पानी की बचत
खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से पानी की 95 फीसदी तक बचत होती है। इसके जरिये खेतों में प्रति एकड़ 10 लीटर पानी के घोल (उर्वरक या कीटनशाक) का छिड़काव किया जा सकता है। अगर परंपरागत तरीके से छिड़काव किया जाए तो इसके लिए 200 लीटर पानी की जरूरत होती है। यानी करीब 95 फीसदी पानी की बचत भी ड्रोन के जरिये की जा सकती है। अगर एक एकड़ खेत में छिड़काव के लिए श्रमिक को ढाई घंटे का वक्त लगता है तो ड्रोन महज सात मिनट में इसे पूरा कर देगा।
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इससे देश के लाखों सीमांत, छोटे और मध्यम दर्जे के उन किसानों को फायदा होगा जिनकी वित्तीय सेहत ड्रोन खरीदने लायक नहीं है। देश में कृषि क्षेत्र के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ चढ़कर हो रहा है। इससे देखते हुए कंपनियों ने भी एप के जरिये किराये पर ड्रोन देने की शुरुआत की।
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इससे कम रकबे में भी फसलों की अधिक पैदावार हो रही है। फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पंजाब समेत मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी एप के जरिये ड्रोन किराये पर लेने की सुविधा है।
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95 फीसदी तक पानी की बचत
खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से पानी की 95 फीसदी तक बचत होती है। इसके जरिये खेतों में प्रति एकड़ 10 लीटर पानी के घोल (उर्वरक या कीटनशाक) का छिड़काव किया जा सकता है। अगर परंपरागत तरीके से छिड़काव किया जाए तो इसके लिए 200 लीटर पानी की जरूरत होती है। यानी करीब 95 फीसदी पानी की बचत भी ड्रोन के जरिये की जा सकती है। अगर एक एकड़ खेत में छिड़काव के लिए श्रमिक को ढाई घंटे का वक्त लगता है तो ड्रोन महज सात मिनट में इसे पूरा कर देगा।
बढ़ सकता है 32 फीसदी तक मुनाफा
आयोटेकवर्ल्ड एविगेशन के संस्थापक निदेशक अनूप कुमार उपाध्याय ने बताया कि किसानों की सहूलियत के लिए एग्रीमेंट की शुरुआत की गई। इससे उन किसानों को अधिक फायदा होगा, जिनके पास ड्रोन खरीदने के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। नई तकनीक का खेती में इस्तेमाल करने से किसानों को अलग अलग फसल पर 30-32 फीसदी तक का अधिक फायदा होता है।