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सख्ती: अस्पतालों में मारपीट-हंगामे पर तुरंत होगी एफआईआर
Wed, 17 Apr 2019 12:23 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:23 AM IST
सार
-दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने लिया फैसला
-कार्रवाई में ढिलाई पर संबंधित संस्थान प्रबंधन होगा जिम्मेदार
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FIR
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विस्तार
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और तीमारदारों के बीच आए दिन होने वाली मारपीट, तोड़फोड़ और हंगामे को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आरोपियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ और नर्सों के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा। अस्पताल व संस्थान प्रबंधन इसके लिए बाध्य होंगे कि वह आरोपियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करवाएं।
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स्वास्थ्य सचिव संजीव खिरवार ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि मारपीट होने पर केस दर्ज करवाने के लिए डॅाक्टरों को हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ता है। ऐसे में दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों व संस्थानों के प्रमुख, विभाग प्रमुख अस्पताल में तीमारदारों द्वारा डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ पर होने वाले हमले में तुरंत मामला दर्ज करवाएंगे।
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भविष्य में ऐसी घटनाओं के बाद मामला दर्ज करवाने के लिए डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ पर कोई जिम्मेदारी नहीं होगी बल्कि अस्पताल प्रबंधन या संस्थान प्रमुख ही इसके लिए उत्तरदायी होंगे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मारपीट होती है तो मामला दर्ज करवाने से लेकर आरोपी को सजा दिलाने तक की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। डॉक्टर इस दिशा में कोई काम नहीं करेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले से डॉक्टरों को राहत मिली है। अब उन्हें मारपीट होने पर मामला दर्ज करवाने के लिए हड़ताल नहीं करनी पड़ेगी। -डॉ. सुमेध, राष्ट्रीय अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा)