मोदी के इस फैसले से क्यों नाराज हुई कांग्रेस
मोदी की एक पहल ने देश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों के बीच खींचतान को जन्म दे दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125 वर्षगांठ मनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दल का गठन किया है। इस दल में शामिल लोगों पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कमेटी में नेहरू-गांधी परिवार के एक भी सदस्य को शामिल नहीं किया है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का संबंध इसी परिवार से है।
दरअसल, प्रधानमंत्री की बनाई इस कमेटी में नेहरू परिवार के किसी भी सदस्य को शामिल नहीं किया गया है। यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसका हिस्सा नहीं हैं। नई कमेटी के बनते ही कांग्रेस-बीजेपी के बीच खींचतान शुरू हो गई है। कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी अजय माकन ने रविवार को कहा कि सरकार ने इस टीम के गठन में बहुत देर कर दी है।
शीला दीक्षित ने बताया कि कांग्रेस ने जवाहर लाल नेहरू की वर्षगांठ मनाने के लिए कमेटी का गठन मोदी के सत्ता में आने से बहुत पहले ही कर लिया था। गौरतलब है कि शीला दीक्षित इस कमेटी के चेयरपर्सन हैं।
शीला दीक्षित ने सरकार के कदम पर कहा कि हम बीजेपी के इस कदम का स्वागत करते है कि उसने नेहरू को नेशनल आइकन के रूप में श्रंद्धाजलि देने जा रही है। हालांकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पंडित जी सबसे पहले कांग्रेस नेता हैं क्योंकि उसके बाद ही वह देश के पहले प्रधानमंत्री बने।
अन्य कांग्रेस नेताओं को किया गया शामिल
शीला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए बताया कि मोदी के निर्णय लेने से बहुत पहले ही कांग्रेस ने पंडित जी की सालगिरह की तैयारी शुरू कर दी थी। शीला ने साफ कहा कि कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधनमंत्री द्वारा बनाई गई कमेटी में कांग्रेस के कुछ नेताओं को शामिल किया गया है। इसमें राज्यसभा के विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद करन सिंह और गांधी परिवार के करीबी दोस्त सुमन दुबे भी शामिल हैं।
शीला ने बताया कि कांग्रेस ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं की एक टीम बनाई है। इस टीम में आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, मोहन शर्मा और जयराम रमेश शामिल हैं। यही टीम देशभर में होने वाले आयोजनों पर निगाह रखेगी। इस कार्यक्रम की शुरूआत 13 नवंबर को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के कार्यालय से की जाएगी।
कैम्ब्रिज युर्निवसिटी में भी किया जाएगा आयोजन
इस मौके पर नेहरू जी के जीवन को बयां करने वाले एक कैलेंडर का भी विमोचन किया जाएगा। साथ ही ऐसे कार्यक्रम सभी राज्यों के कांग्रेस मुख्यालयों में भी आयोजित किए जाएंगे।
शीला दीक्षित ने बताया कि कैम्ब्रिज युर्निवसिटी में भी नेहरू पर एक परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। पार्टी यह भी ध्यान रखेगी कि इस मौके पर पंडित नेहरू के व्यक्तित्व को पूरे देश में प्रचारित किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों और खासकर युवओं को इससे जोड़ा जा सके।
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि इस संबंध में सभी प्रदेश अध्यक्षों और महासचिवों को निर्देश दे दिए गए हैं। इसके साथ कांग्रेस नेहरू की जीवनी पर बनी शॉर्ट फिल्म और भारत एक खोज डाक्युमेंट्री के कुछ दृश्य भी दिखाने पर विचार कर रही है।