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Noida News: यमुना प्राधिकरण गांवों के साथ कस्बों को भी करेगा विकसित
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यमुना प्राधिकरण गांवों के साथ कस्बों को भी करेगा विकसित
-13 सितंबर को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
-मंजूर हुआ तो एतिहासिक स्थल होंगे पर्यटन के रूप में विकसित
-एयरपोर्ट के कारण होगा दनकौर, बिलसपुर, रबूपुरा, जेवर और जहांगीरपुर का विकास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के गांव ही नहीं बल्कि अब नगर पंचायत और कस्बों की भी सूरत बदलने वाली है। प्राधिकरण क्षेत्र के 96 गांवों के साथ-साथ पांच कस्बों को भी विकसित किया जाएगा। विशेष तौर पर जिन स्थानों पर कोई पुरानी विरासत है, उनको पर्यटन के रूप में बदलने की योजना है। इस प्रस्ताव को यमुना प्राधिकरण अपने बोर्ड में रखेगा। यदि मंजूर हुआ तो यीडा क्षेत्र के दनकौर, बिलासपुर, रबूपुरा, जेवर और जहांगीरपुर नगर पंचायत क्षेत्र का भी विकास होगा।
दरअसल, जेवर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट में 96 गांवों को अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है और इन सभी का विकास किया जा रहा है। प्राधिकरण की मंशा है कि जब यहां एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क समेत बड़ी परियोजनाएं लाई जा रही हैं तो इस क्षेत्र को भी विकसित किया जाए। यहां के गांवों का यीडा विकास कर रहा है। ऐसे में प्राधिकरण अधिकारी चाहते हैं कि यहां के कस्बों को भी विकसित किए जाए। जेवर, रबपूुरा और दनकौर क्षेत्र में कई मंदिर हैं तो दनकौर में बर्ड सेंचुरी है। यह क्षेत्र महाभारतकालीन इतिहास को समेटे हुए है और दनकौर का द्रोण मंदिर भी यहां पर है। जेवर महर्षि जाबालि ऋषि की धरती है। इन सभी को पर्यटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसलिए प्राधिकरण ने इन कस्बों को आधुनिक तरीके से विकसित करने की भी योजना बनाई है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि कस्बों को विकसित करने की योजना है और इस प्रस्ताव को बोर्ड में ले जाने की तैयारी है।
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-13 सितंबर को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
-मंजूर हुआ तो एतिहासिक स्थल होंगे पर्यटन के रूप में विकसित
-एयरपोर्ट के कारण होगा दनकौर, बिलसपुर, रबूपुरा, जेवर और जहांगीरपुर का विकास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के गांव ही नहीं बल्कि अब नगर पंचायत और कस्बों की भी सूरत बदलने वाली है। प्राधिकरण क्षेत्र के 96 गांवों के साथ-साथ पांच कस्बों को भी विकसित किया जाएगा। विशेष तौर पर जिन स्थानों पर कोई पुरानी विरासत है, उनको पर्यटन के रूप में बदलने की योजना है। इस प्रस्ताव को यमुना प्राधिकरण अपने बोर्ड में रखेगा। यदि मंजूर हुआ तो यीडा क्षेत्र के दनकौर, बिलासपुर, रबूपुरा, जेवर और जहांगीरपुर नगर पंचायत क्षेत्र का भी विकास होगा।
दरअसल, जेवर में निर्माणाधीन एयरपोर्ट में 96 गांवों को अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है और इन सभी का विकास किया जा रहा है। प्राधिकरण की मंशा है कि जब यहां एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क समेत बड़ी परियोजनाएं लाई जा रही हैं तो इस क्षेत्र को भी विकसित किया जाए। यहां के गांवों का यीडा विकास कर रहा है। ऐसे में प्राधिकरण अधिकारी चाहते हैं कि यहां के कस्बों को भी विकसित किए जाए। जेवर, रबपूुरा और दनकौर क्षेत्र में कई मंदिर हैं तो दनकौर में बर्ड सेंचुरी है। यह क्षेत्र महाभारतकालीन इतिहास को समेटे हुए है और दनकौर का द्रोण मंदिर भी यहां पर है। जेवर महर्षि जाबालि ऋषि की धरती है। इन सभी को पर्यटन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसलिए प्राधिकरण ने इन कस्बों को आधुनिक तरीके से विकसित करने की भी योजना बनाई है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि कस्बों को विकसित करने की योजना है और इस प्रस्ताव को बोर्ड में ले जाने की तैयारी है।
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