फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Two arrested for forgery of crores by SIM swapping

कानपुर, दिल्ली के ध्यानार्थ::: सिम स्वैपिंग कर करोड़ों की जालसाजी करने वाले दो गिरफ्तार

Mon, 07 Aug 2023 12:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 07 Aug 2023 12:28 AM IST
विज्ञापन
Two arrested for forgery of crores by SIM swapping
सिम स्वैपिंग कर करोड़ों की जालसाजी करने वाले दो गिरफ्तार
विज्ञापन

- ईमेल आईडी करते थे हैक, मनी हिस्ट वेब सीरीज के पात्रों के नाम चलते थे टेलीग्राम ग्रुप
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सिम कार्ड स्वैप करा कर करोड़ों की साइबर जालसाजी करने वाले दो ठग रितेश चतुर्वेदी और ऋषभ जैन को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये जालसाज सिम कार्ड स्वैप करने के बाद ई मेल हैक कर लेते थे और इसके बाद खाते से रकम निकाल लेते थे। आरोपियों के पास से एक कार, एक लैपटॉप, 11 मोबाइल, 23 डेबिट कार्ड, तीन बैंक पास बुक और 25 सिम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
जालसाजों ने नोएडा की एक कंपनी मालिक के खाते से एक करोड़ रुपये की निकासी कर ली। इस गिरोह में शामिल दो जालसाज अभी भी फरार हैं। इनकी तलाश साइबर क्राइम थाने की टीम कर रही है। नोएडा स्थित एनएसईजेड कंपनी के मालिक केपी प्रकाश के बैंक खाते में रजिस्टर्ड सिम कार्ड को बंद कराकर एक करोड़ रुपये की साइबर जालसाजी हुई थी। इस मामले में सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में जनवरी महीने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच के बाद साइबर क्राइम थाने की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव की टीम ने रविवार को काकादेव, कानपुर निवासी रितेश चतुर्वेदी और वसंत कुंज नई दिल्ली निवासी ऋषभ जैन को गिरफ्तार कर लिया। इन जालसाजों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस तरह की कई साइबर ठगी की हैं। ये किसी भी बैंक खाते की गोपनीय जानकारी प्राप्त करते हुए रजिस्टर्ड सिम को स्वैप व मेल आईडी को हैक कर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क वीपीएन का इस्तेमाल करते हुए करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन कर लेते थे। इनके खिलाफ नोएडा, दिल्ली , महाराष्ट्र से लेकर कई राज्यों में पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। कंपनी के खाते से एक करोड़ रुपये की निकासी कर चार खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस उन खाता धारकों के बारे में पता लगा रही है।
विज्ञापन

--------

ऐसे करते थे साइबर ठगी

ये साइबर जालसाज सोशल इंजीनियरिंग व अन्य माध्यमों से किसी भी बैंक खाते के बारे में जानकारी ले लेते थे। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी समेत कुछ अन्य जानकारी लेकर मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर के पास फोन कर सिम कार्ड बदलने के लिए संपर्क करते थे और जब सर्विस प्रोवाइडर कुछ जानकारी मांगते थे तो वे जानकारी साइबर जालसाज दे देते थे। इसके बाद सिम कार्ड स्वैप करने के बाद ओटीपी जालसाजों के पास आने लगता था और ई मेल आईडी भी बदल देते थे। फिर खाते से रकम निकाल लेते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


---------

मनी हिस्ट के पात्रों के नाम से बनाए 15 ग्रुप

क्राइम पर आधारित स्पेनिश वेब सीरीज मनी हिस्ट की तर्ज पर इन जालसाजों ने अपना नाम बदलकर टेलीग्राम व व्हाट्स एप पर 15 ग्रुप बनाए। वेब सीरीज के पात्रों के नाम प्रोफेसर, रियो आदि रखकर ग्रुपों का संचालन किया। रितेश प्रोफेसर बनकर और ऋषभ रियो बनकर व्हाट्स एप ग्रुप पर जुड़ता था। इसके बाद लोगों से निजी जानकारी लेकर उससे ठगी करते थे।


---------

क्या होता है सिम स्वैपिंग फ्रॉड

इसमें किसी सिम यूजर के बारे में जानकारी प्राप्त होने के बाद स्कैमर्स उसके टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क कर बताते हैं कि उनका सिम कार्ड खराब या खो गया है। इसके बाद एक नया सिम कार्ड जालसाजों को मिल जाता है। इसके बाद ओटीपी से लेकर सारी जानकारी जालसाजों के पास होती है।

--------

ऐसे बचें सिम स्वैपिंग फ्रॉड से

- किसी भी तरह के ईमेल और मैसेज पर क्लिक न करें। इससे आपकी डिटेल्स चुराई जा सकती है।

- अकाउंट को सुरक्षित बनाने के लिए यूनिक व स्ट्रांग पासवर्ड का इस्तेमाल करें।

- समय-समय पर अपने पासवर्ड बदलते रहें और एप के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन रखें।

- सिम स्वैपिंग का शिकार होने पर तुरंत ही अपने बैंक और टेलीकॉम ऑपरेटर को इसकी जानकारी दें।

- किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने खाते से लेकर अन्य जानकारी नहीं दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed