फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Treatment of dengue will be decided from four years' samples

Noida News: चार साल के नमूनों से तय होगा डेंगू का इलाज

Sat, 09 Dec 2023 01:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 09 Dec 2023 01:52 AM IST
विज्ञापन
Treatment of dengue will be decided from four years' samples
चार साल के नमूनों से तय होगा डेंगू का इलाज
विज्ञापन

- करीब 1200 नमूनों की जांच कर तय किया जा रहा मार्कर
- गंभीर होने वाले मरीजों को जांच में किया जा सकेगा चिह्नित
- नोएडा के चाइल्ड पीजीआई ने शुरू किया प्रोजेक्ट

अतुल भारद्वाज
नोएडा। पिछले चार साल के डेंगू पॉजिटिव मरीजों के खून के नमूनों से भविष्य में बीमारी का इलाज तय होगा। इसके लिए नोएडा का चाइल्ड पीजीआई करीब 1200 नमूनों के ऊपर परीक्षण कर रहा है। इस परीक्षण में डेंगू की जांच के लिए नए मार्कर तय किए जाने हैं। इसका फायदा यह होगा कि डेंगू पॉजिटिव आने पर कौन मरीज अगले 48 घंटे में गंभीर हो सकता है। इसका सटीक आकलन हो पाएगा। इससे मरीज का समय पर इलाज भी शुरू हो पाएगा।
चाइल्ड पीजीआई का माइक्रोबायलॉजी विभाग इस परीक्षण को शुरू कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर जांच किट माइक्रोबायलॉजी विभाग को उपलब्ध कराई हैं। किट से 2023 के नमूनों के अलावा 2020 से 2022 के पुराने नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। इस परीक्षण में सभी चार सीरोटाइप डेनवी-1, डेनवी-2, डेनवी-3, डेनवी-4 में आ रहे बदलाव और इसके असर को देखा जाना है। साल दर साल क्या बदलाव और प्रभाव मरीजों पर हुए। इसका भी आकलन विशेषज्ञ टीम करेगी। नोएडा के अलावा आसपास के जिलों के नमूने भी परीक्षण में शामिल किए गए हैं। इससे डेंगू के अलग-अलग सीरोटाइप का भौगोलिक रूप से असर भी पता चलेगा।
विज्ञापन

चाइल्ड पीजीआई के माइक्रोबायलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. सुमी नंदवानी का कहना है कि अभी ऐसा कोई मार्कर नहीं है। इससे यह पता चल सके कि कौन मरीज गंभीर हो सकता है। एलाइजा टेस्ट भी इसमें पूरी तरह कारगर नहीं है। कई बार ऐसा होता है कि जो मरीज ओपीडी में सामान्य दिखता है। वह गंभीर हो जाता है। नए परीक्षण के सफल होने पर बने मार्कर से ऐसे मरीजों को चिंहित किया जा सकेगा। संस्थान में ही माइक्रोबायलॉजिस्ट डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि यह परीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मरीजों को जहां खतरा कम किया जा सकेगा वहीं, डेंगू से मौत के मामले भी बहुत कम हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट-
25 नमूनों पर हुआ शुरुआती परीक्षण
डॉ. नंदवानी ने बताया कि अभी 25 नमूनों पर इसका शुरुआती परीक्षण किया गया है जोकि सफल रहा। इन नमूनों में सीरोटाइप डेनवी-2 के सर्वाधिक 22 मरीज मिले। वहीं, डेनवी-1 के दो और डेनवी-3 का एक मामला मिला। लेकिन, किसी मार्कर या आकलन के लिए अधिक संख्या में केस पर परीक्षण की जरूरत है। इसके बाद ही अंतिम रूप से निष्कर्ष निकाला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed