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Noida News: रांगले-मीरू सड़क पर सफर बना जानलेवा
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किन्नौर की मीरू-रांगले सडक़ की पांच साल से नहीं सुधर रही हालत। संवाद
करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा खस्ता हालत में, जगह-जगह गड्ढे
मीरू पंचायत के लोग आवाजाही के लिए झेल रहे परेशानी
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निचार उपमंडल की मीरू पंचायत को जोड़ने वाली रांगले-मीरू सड़क पर सफर जोखिमभरा बना हुआ है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे पड़े हुए हैं। लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
रांगले-मीरू सड़क पर करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा खस्ता हालत में है। मीरू पंचायत के चोलिंग, रांगले, रूम प्राचे, मसलेंगे, तिलचोका, सांनतांगचौंनदेन, रियाभी, कुटांगचों, ओएनींगचे और गौंनपोदेंन गांवों के हजारों ग्रामीण खतरे के साये में सफर करने के लिए मजबूर हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के साथ-साथ सड़क संकीर्ण भी है। मरीजों को भी हिचकोले खाते हुए अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है। किसान और बागवानों को भी नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
मीरू पंचायत प्रधान नरेंद्र नेगी, सुधीर कुमार नेगी, किरण नेगी, बुद्ध रतन नेगी, विन्या सिंह नेगी, रुपिंदर नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की दयनीय दशा के कारण आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोग निर्माण विभाग से जल्द सड़क की हालत को सुधारने की मांग उठाई है ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।
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लोग निर्माण विभाग भावानगर के अधिशासी अभियंता प्रमोद नेगी ने बताया कि सड़क को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डीपीआर तैयार कर भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही मार्ग की हालत जल्द सुधारी जाएगी। संवाद
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मीरू पंचायत के लोग आवाजाही के लिए झेल रहे परेशानी
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निचार उपमंडल की मीरू पंचायत को जोड़ने वाली रांगले-मीरू सड़क पर सफर जोखिमभरा बना हुआ है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे पड़े हुए हैं। लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
रांगले-मीरू सड़क पर करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा खस्ता हालत में है। मीरू पंचायत के चोलिंग, रांगले, रूम प्राचे, मसलेंगे, तिलचोका, सांनतांगचौंनदेन, रियाभी, कुटांगचों, ओएनींगचे और गौंनपोदेंन गांवों के हजारों ग्रामीण खतरे के साये में सफर करने के लिए मजबूर हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के साथ-साथ सड़क संकीर्ण भी है। मरीजों को भी हिचकोले खाते हुए अस्पताल तक पहुंचना पड़ रहा है। किसान और बागवानों को भी नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बना हुआ है।
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मीरू पंचायत प्रधान नरेंद्र नेगी, सुधीर कुमार नेगी, किरण नेगी, बुद्ध रतन नेगी, विन्या सिंह नेगी, रुपिंदर नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की दयनीय दशा के कारण आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोग निर्माण विभाग से जल्द सड़क की हालत को सुधारने की मांग उठाई है ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।
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लोग निर्माण विभाग भावानगर के अधिशासी अभियंता प्रमोद नेगी ने बताया कि सड़क को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत डीपीआर तैयार कर भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही मार्ग की हालत जल्द सुधारी जाएगी। संवाद

किन्नौर की मीरू-रांगले सडक़ की पांच साल से नहीं सुधर रही हालत। संवाद