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Noida News: ऑडिट की जरूरत वाले व्यापारियों को समय की मोहलत मिलने से ली राहत की सांस
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए कंपनियों और ऑडिट की आवश्यकता वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दी है। आमतौर पर यह अंतिम तिथि 31 अक्तूबर होती थी। विभाग के इस निर्णय से शहर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
सेक्टर-18 के मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि जो व्यापारी किसी कारणवश रिपोर्ट जमा नहीं कर पाए थे उन्हें खासा राहत मिल सकेगी। उनका कहना है कि कैट ने भी इसकी समय सीमा बढ़ाने की मांग रखी थी। आयकर अधिनियम के मुताबिक, ऑडिट की अनिवार्यता वाली कंपनियों, साझेदारी फर्मों और प्रोप्राइटरशिप इकाइयों को 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल करना होता है।
व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए यह समय-सीमा 31 जुलाई रहती है। इससे पहले विभाग ने 25 सितंबर को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा एक माह बढ़ाकर 31 अक्टूबर की थी। अब उसे और बढ़ाकर 10 नवंबर कर दिया गया है।
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क्या आ रही थीं समस्याएं
युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन के अनुसार हाल ही में धनतेरस, दिवाली और भैजा दूज समेत छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहार लगातार पड़ गए। इसके चलते अधिकतर सीए कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट को समय रहते तैयार नहीं कर सके। इसके अलावा जहां एक तरफ समय भी समाप्त हो रहा था। दूसरी तरफ एक साथ अधिक लोड बढ़ने से सर्वर डाउन जैसे समस्याओं के चलते फाफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इससे से व्यापारियों में यह आशंका थी कि उनकी रिपोर्ट जमा नहीं हो पाएगी।
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नोएडा। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए कंपनियों और ऑडिट की आवश्यकता वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दी है। आमतौर पर यह अंतिम तिथि 31 अक्तूबर होती थी। विभाग के इस निर्णय से शहर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
सेक्टर-18 के मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि जो व्यापारी किसी कारणवश रिपोर्ट जमा नहीं कर पाए थे उन्हें खासा राहत मिल सकेगी। उनका कहना है कि कैट ने भी इसकी समय सीमा बढ़ाने की मांग रखी थी। आयकर अधिनियम के मुताबिक, ऑडिट की अनिवार्यता वाली कंपनियों, साझेदारी फर्मों और प्रोप्राइटरशिप इकाइयों को 31 अक्तूबर तक रिटर्न दाखिल करना होता है।
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व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए यह समय-सीमा 31 जुलाई रहती है। इससे पहले विभाग ने 25 सितंबर को ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समय-सीमा एक माह बढ़ाकर 31 अक्टूबर की थी। अब उसे और बढ़ाकर 10 नवंबर कर दिया गया है।
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क्या आ रही थीं समस्याएं
युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन के अनुसार हाल ही में धनतेरस, दिवाली और भैजा दूज समेत छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहार लगातार पड़ गए। इसके चलते अधिकतर सीए कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट को समय रहते तैयार नहीं कर सके। इसके अलावा जहां एक तरफ समय भी समाप्त हो रहा था। दूसरी तरफ एक साथ अधिक लोड बढ़ने से सर्वर डाउन जैसे समस्याओं के चलते फाफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इससे से व्यापारियों में यह आशंका थी कि उनकी रिपोर्ट जमा नहीं हो पाएगी।