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Noida News: युवाओं की रचनात्मकता को अवसर देने की जरूरत
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फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। युवाओं की रचनात्मकता, स्वतंत्र सोच और कौशल को सही अवसर मिले तो यही शक्ति राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। युवाओं को निर्धारित ढांचे में ढालने के बजाय उनकी रुचि, क्षमता और आकांक्षाओं के अनुरूप अवसर देने की जरूरत है। यह बात सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में संगीतायन फाउंडेशन और एनईए की ओर से आयोजित युवा शक्ति जेन-जी, शिक्षा एवं रोजगा विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य आयकर आयुक्त सुधांशु कुमार ने कहा कि बच्चों और युवाओं को रोबोट बनाने के बजाय उनकी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और स्वतंत्र सोच विकसित करनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। डॉ. देवेंद्र पाठक ने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने, जबकि डॉ. विभय कुमार झा ने युवाओं को अपनी बात सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सावित्री देवी स्मृति शिक्षा रत्न सम्मान भी प्रदान किया गया।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। युवाओं की रचनात्मकता, स्वतंत्र सोच और कौशल को सही अवसर मिले तो यही शक्ति राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। युवाओं को निर्धारित ढांचे में ढालने के बजाय उनकी रुचि, क्षमता और आकांक्षाओं के अनुरूप अवसर देने की जरूरत है। यह बात सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में संगीतायन फाउंडेशन और एनईए की ओर से आयोजित युवा शक्ति जेन-जी, शिक्षा एवं रोजगा विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त मुख्य आयकर आयुक्त सुधांशु कुमार ने कहा कि बच्चों और युवाओं को रोबोट बनाने के बजाय उनकी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और स्वतंत्र सोच विकसित करनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। डॉ. देवेंद्र पाठक ने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने, जबकि डॉ. विभय कुमार झा ने युवाओं को अपनी बात सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सावित्री देवी स्मृति शिक्षा रत्न सम्मान भी प्रदान किया गया।
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