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फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना ही बच्चों के लिए खोल दिया था झूला

Sat, 03 Sep 2022 01:27 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 01:27 AM IST
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The swing was opened for the children without the fitness certificate
ग्रेटर नोएडा। सम्राट मिहिर भोज सिटी पार्क में गणेशोत्सव मेले करंट से झुलसकर बच्चे की मौत के मामले की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। ट्रायल पूरा होने से पहले ही झूलों का संचालन शुरू कर दिया गया था। परिवहन विभाग से झूलों का फिटनेस प्रमाण पत्र और बिजली व दमकल विभाग से एनओसी लेने की जरूरत भी नहीं समझी गई। पुलिस ने इस मामले में मेला आयोजक चंद्रशेखर गर्ग, झूला संचालक राजीव गुप्ता, ठेकेदार अंकित जैन और अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने चांदनी चौक दिल्ली निवासी झूला संचालक राजीव गुप्ता को गिरफ़्तार भी कर लिया है। वहीं, बच्चे का अंतिम संस्कार फरीदाबाद सेक्टर-91 स्थित पैतृक स्थान पर किया गया। इधर पुलिस ने मेले में सभी झूलों का संचालन बंद कर दिया है।
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दिल्ली के जौहरीपुर निवासी धर्मेंद्र ने बीटा-2 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि बृहस्पतिवार रात उसका 12 वर्षीय बेटा हर्षित पड़ोस में रहने वाले गौरव व उनकी पत्नी रुही के साथ सिटी पार्क में मेला देखने गया था। हर्षित गौरव के तीन साल के बेटे प्रियांश के साथ झूला झूलकर उतर रहा था। इसी दौरान सीढ़ियों में करंट उतरने से हर्षित व प्रियांश झुलस गए। प्रियांश दूर जाकर गिर पड़ा और हर्षित झुलसता रहा। दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। हर्षित को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बीटा-2 थाना प्रभारी अनिल राजपूत का कहना है कि इस मामले में आईपीसी की धारा-304 ए के अंतर्गत केस दर्ज किया है। जल्द अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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अर्थिंग होती तो गिर जाती एमसील
ट्रायल पूरा होने के बाद झूलों को अर्थिंग दी जाती है। जिससे करंट से होने से वाले हादसों को रोका जा सके। अर्थिंग देने के बाद झूले में करंट उतरने पर एमसील गिर जाती है और इससे विद्युत आपूर्ति रुक जाती है।
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‘मेरे बेटे को बचाकर खुद चला गया हर्षित’
पड़ोसी गौरव ने बताया कि हर्षित अधिकांश उनके परिवार में घुलमिलकर रहता था। बृहस्पतिवार को वह हर्षित को भी अपने साथ मेला लेकर गए थे। हर्षित और प्रियांश ट्रेननुमा ड्रैगन झूले में झूला झूलने गया था। झूले में कम से कम 15 बच्चे थे। झूला झूलने के बाद सभी बच्चे उतर गए। हर्षित प्रियांश को गोद में लेकर सबसे आखिर में उतर रहा था। तभी सीढ़ियों पर बिजली केबल में उसका पैर उलझ गया और केबल का नंगा तार लोहे की सीढ़ियों से टच होने से करंट उतर गया। प्रियांश करंट के झटके से दूर जाकर गिर गया और हर्षित झुलस गया। गौरव ने कहा कि हर्षित उनके बेटे को बचाकर खुद हम सभी को छोड़कर चला गया।
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