फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   The strings of the accused connecting with the supply and terror angle in Bollywood

Noida News: बॉलीवुड में सप्लाई और टेरर एंगल से जुड़ रहे आरोपियों के तार

Thu, 18 May 2023 12:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2023 12:28 AM IST
विज्ञापन
The strings of the accused connecting with the supply and terror angle in Bollywood
बॉलीवुड में सप्लाई और टेरर एंगल से जुड़ रहे आरोपियों के तार
विज्ञापन

कनाडा, अमेरिका, चीन, नेपाल में भी एमडीएमए की सप्लाई का चल रहा पता
संदीप वर्मा
ग्रेटर नोएडा। पानी के साथ आसानी से घुल जाने वाले मेथिलेनेडियो मेथानटामाइन (एमडीएमए) का इस्तेमाल आजकल सबसे अधिक बॉलीवुड इंडस्ट्री और रेव पार्टी में हो रहा है। बुधवार सुबह थीटा-दो में चल रही ड्रग फैक्ट्री से दिल्ली-एनसीआर ही नहीं मुंबई के बॉलीवुड और गोवा में सप्लाई होने के सुबूत मिल रहे हैं। एमडीएमए बनाकर गिरोह के अन्य बदमाश कनाडा, अमेरिका, चीन और नेपाल में भी सप्लाई करते थे। इस गिरोह के तार नारको टेरर से भी जुड़ रहे हैं। पुलिस इनके सभी लिंक की जांच करने में लगी है।

नारकोटिक्स विशेषज्ञों के अनुसार एमडीएमए, कोकीन और हेरोइन जैसे मादक पदार्थों की मैन्यूफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए 70 फीसदी से अधिक मामलों में नारको टेरर से जुड़े होते हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों से ड्रग्स की सप्लाई लंबे समय से भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों में होती आ रही है। पुलिस इनके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क की जांच में लगी है। इससे कमाए जा रहे पैसे का उपयोग कहीं आतंकी गतिविधियों में तो उपयोग नहीं हो रहा है, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
विज्ञापन

थीटा-2 में मिली एमडीएमए की प्रदेश में सबसे बड़ी खेप की सप्लाई मुंबई की बॉलीवुड इंडस्ट्री की ओर भी जा रहे हैं। आरोपी यहां ड्रग्स को तैयार करते थे। अब स्वाट टीम और पुलिस इनके सप्लायर्स को गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी है। सप्लायर का लिंक विदेश में भी मिला है। यहां से बनाई गई एमडीएमए और अन्य ड्रग कनाडा, अमेरिका, चीन, नेपाल में भी सप्लाई की जाती थी। इनमें से कुछ को नारकोटिक्स विभाग ने पहले भी दिल्ली एयरपोर्ट से ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---
एमडीएमए का कहां हो रहा उपयोग
पुलिस ने प्रदेश और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो से भी संपर्क किया है। इससे विदेशों में इनके लिंक और नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में लगी है। खास बात यह है कि 300 करोड़ की एमडीएमए की सप्लाई हाल में कहां होने वाली थी, ऐसे में विदेशों में इसकी सप्लाई का भी पता लगाने के लिए इनके लिंक और नेटवर्क का खुलासा करने के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो से संपर्क किया जा रहा है।
---
कोकीन के भी होने की संभावना
पुलिस की प्राथमिक जांच में लैब में मिले मादक पदार्थ को पुलिस एमडीएमए मानकर चल रही है। हालांकि, आशंका है कि कुछ पदार्थ कोकीन भी हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी कोकीन लगभग 500 करोड़ की हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई जा रही है।

---
तीन माह से लैब का पता लगाने के प्रयास में लगी थी स्वाट टीम
थीटा-दो में पिछले एक वर्ष से ड्रग्स की फैक्ट्री चल रही थी। कई बार ड्रग कार्टेल का पुलिस पता लगाने में जुटी हुई है। स्वाट टीम ड्रग्स माफिया का पिछले तीन महीने से पता लगाने की कोशिश कर रही थी। इनमें से दो आरोपियों के ड्रग्स के साथ पकड़े जाने पर पुलिस ने फैक्ट्री पर कार्रवाई की।

---

क्रिप्टोकरेंसी से हुआ लेनदेन
गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिकों के पास से पुलिस को कोई बैंक खाता, एटीएम या फाइनेंशियल लेनदेन के कागजात नहीं मिले हैं। शुरुआती जांच में सभी ग्रेनो में बिना वीजा के रह रहे थे। आरोपी ड्रग्स सप्लाई के बाद मिलने वाली रकम का लेनदेन क्रिप्टोकरंसी में करते आ रहे हैं।

---
रेव पार्टी में भी होती थी सप्लाई
दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम के बड़े-बड़े फार्म हाउस में होने वाली रेव पार्टियों में यहीं से एमडीएमए या अन्य ड्रग्स की मांग होती थी। पुलिस पूछताछ में पता चला है यह स्थानीय स्तर पर कुछ सदस्यों के माध्यम से यहां भी सप्लाई करते थे।

---
क्या है एमडीएमए
मेथिलेनेडियो मेथानटामाइन (एमडीएमए) को एमडीएमए, एक्स्टसी, ई एक्स, एक्सटीसी, मौली और मैंडी जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह बेहद खतरनाक नशा है। यह पानी के साथ आसानी से घुल जाती है। इसे पानी या कोल्ड ड्रिंक के साथ लेने पर नशा पीने का पता भी नहीं चलता है। दावा किया जाता है कि यह दिमाग को लगभग सुन्न अवस्था में पहुंचा देती है। इसका असर 36 से 48 घंटे तक बना रहता है। रेव पार्टियों और बॉलीवुड में एमडीएमए अधिक प्रचलित है।


---
आरोपियों ने ड्रग्स बनाने के लिए थीटा-दो में लेबोरेटरी और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए बेस बना रखा था। ड्रग्स कार्टेल, क्रिप्टो करेंसी और टेरर फंडिंग से ड्रग्स फैक्ट्री के तार जुड़ने के संकेत हैं। इसकी जांच के साथ इनके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। - लक्ष्मी सिंह, पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्ध नगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed