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Noida News: थप्पड़ का बदला लेने के लिए की थी दुकानदार की हत्या
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जामा मस्जिद के कबूतर मार्केट में युवक की हत्या का मामला
गैंगस्टर हाशिम बाबा के गुर्गों ने दिया था वारदात को अंजाम, नाबालिग समेत दो पकड़े
पिस्टल, चार कारतूस, ऑटो, वारदात के समय पहने कपड़े और कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामा मस्जिद स्थित कबूतर मार्केट में शुक्रवार को दिनदहाड़े इमरान उर्फ नन्हे (35) की गोली मारकर हत्या करने की गुत्थी को जिले के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने सुलझा लिया है। हत्याकांड को कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के गुर्गों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस संबंध में बुरहान मलिक (20) व 17 साल के नाबालिग को पकड़ा है। मुख्य आरोपी समीर उर्फ राजा उर्फ आसिफ बावा और साथी शानू फिलहाल फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल को इमरान के छोटे भाई फुरकान उर्फ भूरा ने मुख्य आरोपी आसिफ को थप्पड़ मार दिया था। इसका बदला लेने की बात कर आरोपी उस समय चला गया था। 28 अप्रैल को आसिफ साथियों के साथ वहां पहुंचा और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, चार कारतूस, एक ऑटो, वारदात के समय पहने कपड़े और कारतूस बरामद किया है। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि 28 अप्रैल दोपहर करीब 3:45 बजे इमरान दुकान पर था। इस बीच तीन लड़के पहुंचे और इमरान के पैरों की ओर गोलियां चलाईं। बाद में सीने में गोली मारकर आरोपी फरार हो गए। लोकल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। एएटीएस इंचार्ज एसआई अखिल चौधरी के अलावा एसआई रवि शंकर त्यागी व अन्यों की टीम को जांच में लगाया गया। छानबीन के दौरान इमरान के परिजनों व दुकान पर काम करने वाले लोगों ने 23 अप्रैल को हुए झगड़े की जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। इसकी जांच करते हुए पुलिस टीम इंदिरा विहार, मुस्तफाबाद पहुंच गई। पुलिस ने वहां से ऑटो चालक बुरहान को दबोच लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर इमरान पर गोली चलाने वाले 17 साल के नाबालिग को यमुना विहार इलाके से पकड़ा गया।
ई-रिक्शा से पिंजरा हटाने को लेकर विवाद
23 अप्रैल को आसिफ मार्केट में कबूतर खरीदने आया था। कबूतर खरीदने के बाद इमरान की दुकान के बाहर खड़े एक ई-रिक्शा में रख दिए। इमरान की दुकान पर काम करने वाले लड़के ने कबूतर का पिंजरा ई-रिक्शा से हटाकर जमीन पर रख दिया। इसी बात पर हुई बहस में इमरान के छोटे भाई फुरकान ने आसिफ को थप्पड़ मार दिया था। बेइज्जती का बदला लेने के लिए आसिफ ने साथी शानू, बुरहान और नाबालिग को तैयार किया। उन्हें एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया गया। बाद में शुक्रवार को वहां पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, इमरान को जब पता चला था कि आसिफ हाशिम बाबा गैंग का बदमाश है तो उसने माफी मांगने और रुपये देने की बात की थी, लेकिन आसिफ नहीं माना।
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आसिफ को इंस्टाग्राम पर रील बनाने का शौक
हाशिम बाबा और उसके गैंग से आसिफ काफी प्रभावित है। यहां तक जब भी हाशिम बाबा की जेल से कोर्ट में पेशी होती है, आसिफ कोर्ट में उससे मिलने पहुंच जाता है। वहां उसके साथ रील बनाने के बाद वह इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता है। आसिफ के सोशल मीडिया अकाउंट पर हाशिम बाबा के साथ कई रील मौजूद हैं। घटना वाले दिन हाशिम बाबा से पटियाला हाउस कोर्ट में आसिफ मिलकर आया था। इसके बाद आकर उसने इमरान की हत्या कर दी।
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गैंगस्टर हाशिम बाबा के गुर्गों ने दिया था वारदात को अंजाम, नाबालिग समेत दो पकड़े
पिस्टल, चार कारतूस, ऑटो, वारदात के समय पहने कपड़े और कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामा मस्जिद स्थित कबूतर मार्केट में शुक्रवार को दिनदहाड़े इमरान उर्फ नन्हे (35) की गोली मारकर हत्या करने की गुत्थी को जिले के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने सुलझा लिया है। हत्याकांड को कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के गुर्गों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस संबंध में बुरहान मलिक (20) व 17 साल के नाबालिग को पकड़ा है। मुख्य आरोपी समीर उर्फ राजा उर्फ आसिफ बावा और साथी शानू फिलहाल फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल को इमरान के छोटे भाई फुरकान उर्फ भूरा ने मुख्य आरोपी आसिफ को थप्पड़ मार दिया था। इसका बदला लेने की बात कर आरोपी उस समय चला गया था। 28 अप्रैल को आसिफ साथियों के साथ वहां पहुंचा और उसने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, चार कारतूस, एक ऑटो, वारदात के समय पहने कपड़े और कारतूस बरामद किया है। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सेन ने बताया कि 28 अप्रैल दोपहर करीब 3:45 बजे इमरान दुकान पर था। इस बीच तीन लड़के पहुंचे और इमरान के पैरों की ओर गोलियां चलाईं। बाद में सीने में गोली मारकर आरोपी फरार हो गए। लोकल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। एएटीएस इंचार्ज एसआई अखिल चौधरी के अलावा एसआई रवि शंकर त्यागी व अन्यों की टीम को जांच में लगाया गया। छानबीन के दौरान इमरान के परिजनों व दुकान पर काम करने वाले लोगों ने 23 अप्रैल को हुए झगड़े की जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की। इसकी जांच करते हुए पुलिस टीम इंदिरा विहार, मुस्तफाबाद पहुंच गई। पुलिस ने वहां से ऑटो चालक बुरहान को दबोच लिया। बाद में उसकी निशानदेही पर इमरान पर गोली चलाने वाले 17 साल के नाबालिग को यमुना विहार इलाके से पकड़ा गया।
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ई-रिक्शा से पिंजरा हटाने को लेकर विवाद
23 अप्रैल को आसिफ मार्केट में कबूतर खरीदने आया था। कबूतर खरीदने के बाद इमरान की दुकान के बाहर खड़े एक ई-रिक्शा में रख दिए। इमरान की दुकान पर काम करने वाले लड़के ने कबूतर का पिंजरा ई-रिक्शा से हटाकर जमीन पर रख दिया। इसी बात पर हुई बहस में इमरान के छोटे भाई फुरकान ने आसिफ को थप्पड़ मार दिया था। बेइज्जती का बदला लेने के लिए आसिफ ने साथी शानू, बुरहान और नाबालिग को तैयार किया। उन्हें एक-एक लाख रुपये देने का वादा किया गया। बाद में शुक्रवार को वहां पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, इमरान को जब पता चला था कि आसिफ हाशिम बाबा गैंग का बदमाश है तो उसने माफी मांगने और रुपये देने की बात की थी, लेकिन आसिफ नहीं माना।
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आसिफ को इंस्टाग्राम पर रील बनाने का शौक
हाशिम बाबा और उसके गैंग से आसिफ काफी प्रभावित है। यहां तक जब भी हाशिम बाबा की जेल से कोर्ट में पेशी होती है, आसिफ कोर्ट में उससे मिलने पहुंच जाता है। वहां उसके साथ रील बनाने के बाद वह इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता है। आसिफ के सोशल मीडिया अकाउंट पर हाशिम बाबा के साथ कई रील मौजूद हैं। घटना वाले दिन हाशिम बाबा से पटियाला हाउस कोर्ट में आसिफ मिलकर आया था। इसके बाद आकर उसने इमरान की हत्या कर दी।