{"_id":"6818c67359318b18270a519f","slug":"the-marriage-hall-was-built-but-the-road-was-not-provided-noida-news-c-23-1-vns1013-61147-2025-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बारातघर तो बना दिया, नहीं दिया रास्ता, पानी की लाइन बिछे हो गया एक दशक, नहीं आया पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बारातघर तो बना दिया, नहीं दिया रास्ता, पानी की लाइन बिछे हो गया एक दशक, नहीं आया पानी
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद :
-ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव में आयोजित अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने समस्याएं बताईं
- गांव के मुख्य मार्ग से लेकर गलियां और श्मशान घाट की स्थिति हो चुकी है बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जुनपत गांव को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भले ही दो दशक पहले आदर्श गांव घोषित कर दिया हो, लेकिन यहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिस कारण गांव के लोगों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने करीब एक दशक पहले बारात घर बना दिया था, लेकिन आज तक वहां तक जाने के लिए रास्ता नहीं दे पाया है। वहीं, पानी सप्लाई की लाइन बिछे एक दशक हो गया है, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। लोग बोरवेल के पानी के सहारे अपना जीवन काट रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव में सोमवार को आयोजित हुए अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने समस्याएं बताईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक की स्थिति बदहाल होने के कारण बरसात के समय में जलभराव हो जाता है। जिस कारण आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार होते रहते हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। देखरेख के अभाव में श्मसान की स्थिति जर्जर है। यहां न ही पानी की व्यवस्था है न ही लाइट का कोई इंतजाम।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी फैली रहती है। सफाई कर्मी आते हैं और खानापूर्ति करके चले जाते हैं। साथ ही नालियों की सफाई नहीं होने के कारण नालियों का पानी सड़कों पर भर जाता है। गांव में खेल का मैदान नहीं होने के कारण बच्चों को सरकारी नौकरियों की भर्ती की तैयारी करने और खेल के अभ्यास करने के लिए गांव से करीब 10 से 15 किमी दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था नहीं होने के कारण इमरजेंसी में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
कोट-1
गांव में न ही खेल का मैदान बना है और न ही कोई स्वास्थ्य को लेकर उचित व्यवस्था है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
-- मोहित भाटी
कोट-2
एक दशक पहले पानी व सीवर की लाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज दो में से कोई भी लाइन नहीं शुरू हो पाई है। समस्या का समाधान होना चाहिए।
-- हरेंद्र प्रधान
कोट-3
गांव के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बरसात के समय में जलभराव होने के कारण दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं।
-- रामप्रताप वर्मा
कोट-4
जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव की गलियों बरसात के समय में जलभराव हो जाता है। नालियों का भी पानी सड़कों पर भर जाता है।
-- अजय शर्मा
कोट-5
शमशान की स्थिति देखरेख के अभाव में काफी बदहाल हो चुकी है। यहां की सारी व्यवस्थाएं खुद गांव के लोग कर रहे हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए।
-- ईश्वर प्रसाद
कोट-6
गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी फैली रहती है। कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई है।
-- दयाराम शर्मा
विज्ञापन
-ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव में आयोजित अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने समस्याएं बताईं
- गांव के मुख्य मार्ग से लेकर गलियां और श्मशान घाट की स्थिति हो चुकी है बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जुनपत गांव को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भले ही दो दशक पहले आदर्श गांव घोषित कर दिया हो, लेकिन यहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिस कारण गांव के लोगों की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण ने करीब एक दशक पहले बारात घर बना दिया था, लेकिन आज तक वहां तक जाने के लिए रास्ता नहीं दे पाया है। वहीं, पानी सप्लाई की लाइन बिछे एक दशक हो गया है, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। लोग बोरवेल के पानी के सहारे अपना जीवन काट रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव में सोमवार को आयोजित हुए अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने समस्याएं बताईं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के मुख्य मार्ग से लेकर गलियों तक की स्थिति बदहाल होने के कारण बरसात के समय में जलभराव हो जाता है। जिस कारण आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार होते रहते हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। देखरेख के अभाव में श्मसान की स्थिति जर्जर है। यहां न ही पानी की व्यवस्था है न ही लाइट का कोई इंतजाम।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी फैली रहती है। सफाई कर्मी आते हैं और खानापूर्ति करके चले जाते हैं। साथ ही नालियों की सफाई नहीं होने के कारण नालियों का पानी सड़कों पर भर जाता है। गांव में खेल का मैदान नहीं होने के कारण बच्चों को सरकारी नौकरियों की भर्ती की तैयारी करने और खेल के अभ्यास करने के लिए गांव से करीब 10 से 15 किमी दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था नहीं होने के कारण इमरजेंसी में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
कोट-1
गांव में न ही खेल का मैदान बना है और न ही कोई स्वास्थ्य को लेकर उचित व्यवस्था है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोट-2
एक दशक पहले पानी व सीवर की लाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज दो में से कोई भी लाइन नहीं शुरू हो पाई है। समस्या का समाधान होना चाहिए।
कोट-3
गांव के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। बरसात के समय में जलभराव होने के कारण दो पहिया वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं।
कोट-4
जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गांव की गलियों बरसात के समय में जलभराव हो जाता है। नालियों का भी पानी सड़कों पर भर जाता है।
कोट-5
शमशान की स्थिति देखरेख के अभाव में काफी बदहाल हो चुकी है। यहां की सारी व्यवस्थाएं खुद गांव के लोग कर रहे हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए।
कोट-6
गांव में नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर गंदगी फैली रहती है। कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई है।