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तहसील बनने के चार साल बाद भी नहीं बैठा तहसीलदार
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नूंह। प्रदेश की भाजपा सरकार ने इंडरी को चार साल पूर्व तहसील तो बना दिया लेकिन यहां पर लोगों को सुविधा देना भूल गई। इसी कारण आज भी इंडरी खंड के लोगों को अपनी रजिस्ट्री आदि कार्यों के लिए नूंह में 20 किलोमीटर दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों के लंबे संघर्ष के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार ने चार साल पूर्व इंडरी को तहसील बनाया था लेकिन इसके बाद यहां पर आज तक कोई सुविधा नहीं दी गई है। बीते एक साल से इंडरी तहसील के तहसीलदार नूंह में बैठ रहे हैं जिससे लोगों को भी अपने कार्याें को छोड़कर यहां पर भागना पड़ रहा है। इसके अलावा पटवारी, ग्राम सचिव भी नूंह में बैठ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की बार-बार मांग करने पर न तो जिला प्रशासन नहीं प्रदेश सरकार इस और ध्यान दे रही है इंडरी को तहसील व खंड बनाने में संघर्ष करने वाले क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सरकार सबका साथ सबका विकास का नारा दे रही है लेकिन उनके साथ सरकार का आज भी सौतेला व्यवहार जारी है। तहसीलदार, पटवारी व ग्राम सचिव के इंडरी में नहीं रहने से लोगों को अपने छोटे छोटे कार्यों के लिए नूंह में भागना पड़ रहा है जिससे उनका समय के साथ भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
जल्द बैठेंगे धरने पर
इंडरी तहसील में आने वाले लोगों को बार बार नूंह की दौड़ लगानी पड़ रही है। 38 गांवों के सैकड़ों लोग आए दिन अपने कार्यों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लोगों ने चेतावनी दी की अगर जल्द यहां पर तहसील में रजिस्ट्री आदि की सुविधा नहीं दी तो वह सरकार के खिलाफ नूंह में धरने पर बैठेंगे इसके लिए प्रदेश सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा।
खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी भी नहीं मिलते
सरकार ने इंडरी में खंड कार्यालय जरूर बना दिया लेकिन यहां पर खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी भी अधिकतर समय नदारद रहते हैं लोगों का कहना है कि तहसीलदार की तरह इंडरी में बीडीपीओ भी नहीं बैठते हैं लोगों को उनका लंबा इंतजार करने के बाद नूंह आना पड़ता है। एक कार्य के लिए बार बार नूंह की दौड़ लगाकर वह थक चुके हैं अब वह चुप बैठने वाले नहीं है।
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व्यर्थ नहीं जाने देंगे संघर्ष
जगन सिंह पार्षद खेड़ली दोसा, गजराज सरपंच ऊदाका, आनंद सरपंच आटा, धर्मेंद्र सरपंच बारोटा, कमल सरपंच, रणजीत नंबरदार नरेंद्र नंबरदार, जितेंद्र इंडरी, बीरपाल सरपंच, दीपचंद पूर्व सरपंच कालियाका, संतलाल सरपंच, नत्थूराम गुर्जर, बल्ला चेयरमैन, मास्टर गंगादान डागर खेड़ा खलीलपुर, बीरेंद्र पूर्व चेयरमैन, महेंद्र खटाना सरपंच गांगोली, दलबीर पूर्व सरपंच, रामकरण पूर्व सरपंच छपेड़ा, जितेंद्र सरपंच, समय सिंह, प्रकाश पूर्व नंबरदार किरा, मास्टर देशराज छछेड़ा, हितेश देशवाल आलदौका, रमेश मानुवास, लक्ष्मण पूर्व सरपंच उलेटा, राजू शर्मा पूर्व सरपंच हसनपुर व नारायण सरपंच मेलावास ने कहा कि चार का लंबा इंतजार करने के बाद सरकार को उनके बारे में सोचनी चाहिए। यह क्षेत्र के 38 गांवों की बहुत बड़ी समस्या है उनको यहां पर तहसील व ब्लाक बनने के बाद कोई फायदा नहीं हुआ है अपने इस संघर्ष को वह व्यर्थ नहीं जाने देंगे सरकार ने अगर उनकी बात नहीं सुन तो वह आंदोलन का रूख करेंगे।
सुविधा मुहैया कराने के लिए चल रही है कार्रवाई
इस बारे में नूंह की एसडीएम सलोनी शर्मा ने कहा कि इंडरी तहसील की सभी समस्याओं के समाधान कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रि य है जल्द क्षेत्र के लोगों को यहां पर तहसीलदार सहित अन्य सुविधाओं को मुहैया कराया जाएगा।
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जल्द बैठेंगे धरने पर
इंडरी तहसील में आने वाले लोगों को बार बार नूंह की दौड़ लगानी पड़ रही है। 38 गांवों के सैकड़ों लोग आए दिन अपने कार्यों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लोगों ने चेतावनी दी की अगर जल्द यहां पर तहसील में रजिस्ट्री आदि की सुविधा नहीं दी तो वह सरकार के खिलाफ नूंह में धरने पर बैठेंगे इसके लिए प्रदेश सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी भी नहीं मिलते
सरकार ने इंडरी में खंड कार्यालय जरूर बना दिया लेकिन यहां पर खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी भी अधिकतर समय नदारद रहते हैं लोगों का कहना है कि तहसीलदार की तरह इंडरी में बीडीपीओ भी नहीं बैठते हैं लोगों को उनका लंबा इंतजार करने के बाद नूंह आना पड़ता है। एक कार्य के लिए बार बार नूंह की दौड़ लगाकर वह थक चुके हैं अब वह चुप बैठने वाले नहीं है।
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व्यर्थ नहीं जाने देंगे संघर्ष
जगन सिंह पार्षद खेड़ली दोसा, गजराज सरपंच ऊदाका, आनंद सरपंच आटा, धर्मेंद्र सरपंच बारोटा, कमल सरपंच, रणजीत नंबरदार नरेंद्र नंबरदार, जितेंद्र इंडरी, बीरपाल सरपंच, दीपचंद पूर्व सरपंच कालियाका, संतलाल सरपंच, नत्थूराम गुर्जर, बल्ला चेयरमैन, मास्टर गंगादान डागर खेड़ा खलीलपुर, बीरेंद्र पूर्व चेयरमैन, महेंद्र खटाना सरपंच गांगोली, दलबीर पूर्व सरपंच, रामकरण पूर्व सरपंच छपेड़ा, जितेंद्र सरपंच, समय सिंह, प्रकाश पूर्व नंबरदार किरा, मास्टर देशराज छछेड़ा, हितेश देशवाल आलदौका, रमेश मानुवास, लक्ष्मण पूर्व सरपंच उलेटा, राजू शर्मा पूर्व सरपंच हसनपुर व नारायण सरपंच मेलावास ने कहा कि चार का लंबा इंतजार करने के बाद सरकार को उनके बारे में सोचनी चाहिए। यह क्षेत्र के 38 गांवों की बहुत बड़ी समस्या है उनको यहां पर तहसील व ब्लाक बनने के बाद कोई फायदा नहीं हुआ है अपने इस संघर्ष को वह व्यर्थ नहीं जाने देंगे सरकार ने अगर उनकी बात नहीं सुन तो वह आंदोलन का रूख करेंगे।
सुविधा मुहैया कराने के लिए चल रही है कार्रवाई
इस बारे में नूंह की एसडीएम सलोनी शर्मा ने कहा कि इंडरी तहसील की सभी समस्याओं के समाधान कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रि य है जल्द क्षेत्र के लोगों को यहां पर तहसीलदार सहित अन्य सुविधाओं को मुहैया कराया जाएगा।