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Noida News: डायट दनकौर में शिक्षकों ने कहानियों से बांधा समां
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शिक्षकों ने लोक कथाओं, नैतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण पर सुनाईं कहानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर में जनपद स्तरीय कहानी सुनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य अर्चना गुप्ता की अध्यक्षता और वरिष्ठ प्रवक्ता अनिल कुमार चौहान के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी नीता सिंह और सह-नोडल अधिकारी अर्चना पांडेय रहीं। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों ने लोककथाओं, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता और पन्नाधाय के बलिदान पर आधारित कहानियां सुनाईं। निर्णायक मंडल में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. अनुराग सिंह, रामा देवी कन्या महाविद्यालय की डॉ. अनामिका और श्रीराम इंटर कॉलेज, थोरा के डॉ. राकेश सिंह शामिल रहे। उन्होंने शिक्षकों के कहानी सुनाने के कौशल, भाव-भंगिमा, भाषा शैली और रचनात्मकता के आधार पर मूल्यांकन किया। प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने कहा कि कहानी बच्चों तक ज्ञान पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। प्रतियोगिता का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत भाषा कौशल को बढ़ावा देना और कक्षा शिक्षण को रोचक बनाना है।
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यमुना सिटी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दनकौर में जनपद स्तरीय कहानी सुनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य अर्चना गुप्ता की अध्यक्षता और वरिष्ठ प्रवक्ता अनिल कुमार चौहान के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी नीता सिंह और सह-नोडल अधिकारी अर्चना पांडेय रहीं। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों ने लोककथाओं, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता और पन्नाधाय के बलिदान पर आधारित कहानियां सुनाईं। निर्णायक मंडल में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. अनुराग सिंह, रामा देवी कन्या महाविद्यालय की डॉ. अनामिका और श्रीराम इंटर कॉलेज, थोरा के डॉ. राकेश सिंह शामिल रहे। उन्होंने शिक्षकों के कहानी सुनाने के कौशल, भाव-भंगिमा, भाषा शैली और रचनात्मकता के आधार पर मूल्यांकन किया। प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने कहा कि कहानी बच्चों तक ज्ञान पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। प्रतियोगिता का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत भाषा कौशल को बढ़ावा देना और कक्षा शिक्षण को रोचक बनाना है।