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Noida News: मॉडल और प्रयोगों से सीखेंगे पीएमश्री स्कूलों के बच्चे
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- आठ स्कूलों में करके सीखने पर जोर, मॉडल और प्रयोग के लिए बजट जारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पीएमश्री स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र विभिन्न विषयों को मॉडल, प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझेंगे। इसके लिए जनपद के आठ पीएमश्री स्कूलों में लर्निंग बाय डूइंग को बढ़ावा देने के लिए बजट जारी किया गया है। प्रत्येक स्कूल को 40 हजार रुपये की राशि दी गई है। इस बजट से ऐसी सामग्री खरीदी जाएगी, जिसकी मदद से छात्र विज्ञान, गणित और अन्य विषयों से जुड़े मॉडल तैयार करने के साथ विभिन्न प्रयोग कर सकेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को विषयों को रटने के बजाय उन्हें समझने और व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर देना है।
डीसी निपुण राकेश कुमार ने बताया कि गतिविधि आधारित पढ़ाई से छात्रों को कठिन विषयों और अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिलेगी। मॉडल तैयार करने और प्रयोग करने के दौरान बच्चे खुद सवाल पूछेंगे, गलतियों से सीखेंगे और नए तरीके खोजने का प्रयास करेंगे। इससे उनमें रचनात्मक सोच और समस्याओं का समाधान तलाशने की क्षमता विकसित होगी। साथ ही, नए प्रयोग करने और कुछ नया सीखने के प्रति उनकी रुचि बढ़ेगी।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि छात्रों को लगातार करके सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सभी बीईओ को निर्धारित बजट के तहत आवश्यक सामग्री जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूलों में नियमित पढ़ाई के साथ प्रयोगात्मक गतिविधियां भी शुरू की जा सकें।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पीएमश्री स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र विभिन्न विषयों को मॉडल, प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझेंगे। इसके लिए जनपद के आठ पीएमश्री स्कूलों में लर्निंग बाय डूइंग को बढ़ावा देने के लिए बजट जारी किया गया है। प्रत्येक स्कूल को 40 हजार रुपये की राशि दी गई है। इस बजट से ऐसी सामग्री खरीदी जाएगी, जिसकी मदद से छात्र विज्ञान, गणित और अन्य विषयों से जुड़े मॉडल तैयार करने के साथ विभिन्न प्रयोग कर सकेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को विषयों को रटने के बजाय उन्हें समझने और व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर देना है।
डीसी निपुण राकेश कुमार ने बताया कि गतिविधि आधारित पढ़ाई से छात्रों को कठिन विषयों और अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद मिलेगी। मॉडल तैयार करने और प्रयोग करने के दौरान बच्चे खुद सवाल पूछेंगे, गलतियों से सीखेंगे और नए तरीके खोजने का प्रयास करेंगे। इससे उनमें रचनात्मक सोच और समस्याओं का समाधान तलाशने की क्षमता विकसित होगी। साथ ही, नए प्रयोग करने और कुछ नया सीखने के प्रति उनकी रुचि बढ़ेगी।
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बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि छात्रों को लगातार करके सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सभी बीईओ को निर्धारित बजट के तहत आवश्यक सामग्री जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूलों में नियमित पढ़ाई के साथ प्रयोगात्मक गतिविधियां भी शुरू की जा सकें।
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