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आईटीएस के छात्रों ने बनाई रैपिड करेंसी सैनिटाइजेशन मशीन
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इन्होंने बनाई मशीन।
- फोटो : Grnoida
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आईटीएस के छात्रों ने बनाई रैपिड करेंसी सैनिटाइजेशन मशीन
ग्रेटर नोएडा। कोविड-19 तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। नोट (मुद्रा) से भी संक्रमण फैलने का खतरा बताया जा रहा है। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस खतरे को दूर करने के लिए एक करेंसी सैनिटाइजेशन मशीन बनाई है। यह एक मिनट में 200 नोट सैनिटाइज कर सकती है।
आईटीएस कॉलेज की टीम ने बताया कि अन्य सैनिटाजेशन मशीनें इतनी कुशल नहीं, क्योंकि ये सभी यूवी कीटनाशक पर आधारित है जो एक पेपर को सैनिटाइज करने में 200 सेकंड का समय लेती हैं। विशेष रूप से बैंक मुद्रा के मामले में बहुत धीमी प्रक्रिया है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कॉलेज के प्रो. महीप सिंह और उनकी टीम ने अपग्रेड रैपिड करेंसी सैनिटाजेशन मशीन बनाई है। इस मशीन की कई विशेषताएं हैं। यह सी-टाइप यूवीलाइट से लैस, नोटों को साफ करने के लिए 5 माइक्रोन एरोसोल का उपयोग, पूरे चैबर में एक साथ फांगिग, प्रयोग करने में आसान है। सैनिटाइजर की खपत प्रति लीटर 10,000 नोट है। मशीन का वजह 4.5 किलो है और इसे 304 ग्रेड के स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका डिजाइन काफी मजबूत है। स्वचालित मशीन नोट गिनने के साथ ही सैनिटाइज भी करती है। प्रो. महीप ने बताया कि इस मशीन को बनाने में 12 हजार रुपये की लागत आई है। इस मशीन का उपयोग खुदरा दुकानों, मॉल और बैंकों में किया जा सकता है।
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ग्रेटर नोएडा। कोविड-19 तेजी से पूरे देश में फैल रहा है। नोट (मुद्रा) से भी संक्रमण फैलने का खतरा बताया जा रहा है। आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस खतरे को दूर करने के लिए एक करेंसी सैनिटाइजेशन मशीन बनाई है। यह एक मिनट में 200 नोट सैनिटाइज कर सकती है।
आईटीएस कॉलेज की टीम ने बताया कि अन्य सैनिटाजेशन मशीनें इतनी कुशल नहीं, क्योंकि ये सभी यूवी कीटनाशक पर आधारित है जो एक पेपर को सैनिटाइज करने में 200 सेकंड का समय लेती हैं। विशेष रूप से बैंक मुद्रा के मामले में बहुत धीमी प्रक्रिया है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए कॉलेज के प्रो. महीप सिंह और उनकी टीम ने अपग्रेड रैपिड करेंसी सैनिटाजेशन मशीन बनाई है। इस मशीन की कई विशेषताएं हैं। यह सी-टाइप यूवीलाइट से लैस, नोटों को साफ करने के लिए 5 माइक्रोन एरोसोल का उपयोग, पूरे चैबर में एक साथ फांगिग, प्रयोग करने में आसान है। सैनिटाइजर की खपत प्रति लीटर 10,000 नोट है। मशीन का वजह 4.5 किलो है और इसे 304 ग्रेड के स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका डिजाइन काफी मजबूत है। स्वचालित मशीन नोट गिनने के साथ ही सैनिटाइज भी करती है। प्रो. महीप ने बताया कि इस मशीन को बनाने में 12 हजार रुपये की लागत आई है। इस मशीन का उपयोग खुदरा दुकानों, मॉल और बैंकों में किया जा सकता है।

रैपिड करेंसी सैनिटाइजेशन मशीन।- फोटो : Grnoida
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