शाहबेरी: खरीदारों ने प्राधिकरण, बिल्डर, रेरा, बैंक, प्रशासन को भेजा लीगल नोटिस
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शाहबेरी के खरीदारों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यूपी रेरा, ऋण देने वाले बैंक, सब रजिस्ट्रार, रजिस्ट्री करवाने वाले अधिवक्ताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में सभी को अवैध प्रोजेक्टों में पैसा फंसवाने का जिम्मेदार ठहराया गया है।
खरीदारों ने सभी से अपना पैसा ब्याज समेत वापस लौटाने का दावा किया है। हाईकोर्ट ने शाहबेरी गांव की जमीन पर अधिग्रहण रद्द कर दिया था। अधिग्रहण रद्द होने के बाद प्राधिकरण ने फिर से जमीन को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू की। किसानों ने उसे फिर हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने जमीन पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश जारी कर दिया, लेकिन उसके बाद भी शाहबेरी गांव की जमीन को बेच दिया गया। वहां बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। हजारों की संख्या में खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है। प्राधिकरण ने निर्माण तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, खरीदारों को रेरा, प्राधिकरण, प्रशासन व सरकार से मदद नहीं मिली है। अब खरीदारों ने लीगल नोटिस जारी किया है। खरीदार जगदीप सिंह, विवेक चौधरी, हरप्रीत सिंह अरोड़ा समेत 5 से अधिक खरीदार नोटिस भेज चुके हैं।
इन कारणों से ठहराया है जिम्मेदार
बिल्डर : हाईकोर्ट से शाहबेरी की जमीन पर स्टे है। प्राधिकरण जमीन खरीद और किसान जमीन को बेच नहीं सकता। अवैध तरीके से जमीन खरीदी प्रोजेक्ट बना डाले। फिर फर्जी कागजात तैयार कर लोगों को फ्लैट बेच डालें।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण : स्टे होने पर प्राधिकरण की जिम्मेदारी थी कि वहां पर चेतावनी के नोटिस बोर्ड लगाकर लोगों को जानकारी देनी थी। प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण को भी नहीं रोका।
सब रजिस्ट्रार दादरी : अगर किसी जमीन पर हाईकोर्ट का आदेश है तो उसका पालन कराना प्रशासन का काम है, लेकिन शाहबेरी में ऐसा नहीं किया गया। वहां रजिस्ट्री होने की जानकारी देने की जिम्मेदारी सब रजिस्ट्रार की थी।
बैंक: बैंकों ने शाहबेरी के खरीदारों को ऋण दिया है। जबकि हर बैंक की लीगल टीम होती है। जो ऋण देने से पहले जमीन और प्रोजेक्ट का सत्यापन करती है। हाईकोर्ट के स्टे पर इन्होंने भी अनदेखी कर सेवा दी है।
यूपी रेरा: शाहबेरी के खरीदारों की स्थिति के लिए यूपी रेरा भी जिम्मेदार है। बिल्डरों ने रेरा में अपने प्रोजेक्ट पंजीकृत कराकर फ्लैट बेचे। रेरा ने अनदेखी की। अब रेरा ने उन प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द किया है। ऐसा कर रेरा ने अपनी गलती मानी है।
ग्रेनो प्राधिकरण से मांगेंगे वकील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी के खरीदारों को अपने खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इस पर शाहबेरी के खरीदार वकील की मांग करेंगे। खरीदार सचिन राघव व अभिनव खरे ने बताया कि लखनऊ रेरा ट्रिब्युनल में उनका मामला विचाराधीन है। उनके पास वहां जाकर पैरवी करने के लिए पैसे नहीं है। सोमवार को सुनवाई थी, लेकिन अगली तारीख ले ली। उससे पहले प्राधिकरण से वकील मांगेंगे।
प्राधिकरण, बैंक, रेरा, बिल्डर, सब रजिस्ट्रार सभी खरीदारों की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है। इन सभी को लीगल नोटिस भेजकर पैसा वापस देने का दावा किया है। हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे।
हरप्रीत अरोड़ा, खरीदारों के अधिवक्ता