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‘तेज आंधी- बारिश में अधूरे मकानों में डर लगता है’
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नगीना (राजूद्दीन जंग)। रुक-रुककर हो रही बारिश गरीबों पर भारी पड़ रही है, क्योंकि जो मकान सरकार द्वारा उन्हें दिए गए थे, उनकी तीसरी किस्त नहीं मिलने के कारण भीगने को मजबूर होना पड़ रहा है। निर्माणाधीन घरों में पानी भर चुका है।
खंड में कुल 425 ऐसे बेघर परिवार हैं जिन्हें तीसरी किस्त का लाभ नहीं मिला है। जिस कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा है। उनकी इस मजबूरी को स्थानीय प्रशासन भी नहीं समझ पा रहा है। जब वे शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो जवाब मिलता है कि केंद्र सरकार से रुपये आएंगे तभी बैंक खातों में डाले जाएंगे। इस तरह से कई महीने बीत चुके हैं। कुछ मकान की छत नहीं बनी है तो कुछ की केवल चौखट। निर्माण अधूरा पड़ा है।
पहली किस्त 45000 रुपये, दूसरी 60000 और तीसरी 33000 रुपये डाली जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य बेघर परिवारों और कच्चे या फिर टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले परिवारों को 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान देने का महाभियान छेड़ा हुआ है। गुमटबिहारी पंचायत के सरपंच रमजान खान ने बताया कि उनके गांव में 8 बीपीएल मकानों की तीसरी किस्त नहीं मिली है। (संवाद)
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गरीबों की कौन करे परवाह
नांगल मुबारिकपुर के मांगेराम, खेड़ली कलां की समसीरा, मोहलाका के कासम, हाजरा ने बताया कि छतों का पटाव डालना है। सभी कागज कई महीनेे पहले पूरे करा दिए थेेेेेेे, अभी तक तीसरी किस्त नहीं आई है। कहते हैं गरीबों की कोई परवाह नहीं कर रहा। कच्ची झोपड़ी में रातें काटनी पड़ती है। बारिश का पानी नीचे टपकता है। मकान की छत नहीं डालने से मिट्टी खिसक गई है। ज्यादा बारिश में रात को डर लगता है।
ऐसे होता है निर्माण कार्य
पहली किस्त में मकान को कुर्सी तक करने के लिए 40 हजार रुपये मिले थेे। दूसरी में पटाव तक करने के लिए 45 हजार खाते में आए। संबंधित अधिकारी कहते हैं कि 25 हजार रुपये तीसरी किस्त में डलेंगे। मकानों के लिए 1 लाख 20 रुपये आए थे। इनमें से कुछ मकान कई साल पुराने हैं जिन्हेें तीन किस्तों में 91 हजार रुपये मिलने हैं। योजना में लागत बढ़ने से नए मकानों को 1 लाख 40 हजार रुपये मिल रहेे हैं।
लाभार्थियों की पात्रता
प्रधानमंत्री आवास योजना, इंदिरा आवास योजना और प्रदर्शनी आवास योजना के अंतर्गत मंजूर हुए मकानों के लिए पात्र लाभार्थियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, जॉब कार्ड और बीपीएल सूची में नाम होना जरूरी है। केवल प्रधानमंत्री आवास योजना में अब जरूरतमंद गरीबों के लिए भी आवास देना अनिवार्य कर दिया है यहां बीपीएल होने की कोई शर्त नहीं है।
250 से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्हें तीसरी किस्त नहीं मिली है जिसमें 175 ऐसे हैं जिन्हें दूसरी किस्त नहीं मिली है। उनके जरूरी कागजात जमा कर लिए गए हैं। 15 अगस्त से पहले पहले किस्त मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री आवास योजना योजना की किस्तें बराबर आ रही है।
- वीरेंद्र सिंह कुंडू, बीडीपीओ नगीना।
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खंड में कुल 425 ऐसे बेघर परिवार हैं जिन्हें तीसरी किस्त का लाभ नहीं मिला है। जिस कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा है। उनकी इस मजबूरी को स्थानीय प्रशासन भी नहीं समझ पा रहा है। जब वे शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो जवाब मिलता है कि केंद्र सरकार से रुपये आएंगे तभी बैंक खातों में डाले जाएंगे। इस तरह से कई महीने बीत चुके हैं। कुछ मकान की छत नहीं बनी है तो कुछ की केवल चौखट। निर्माण अधूरा पड़ा है।
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पहली किस्त 45000 रुपये, दूसरी 60000 और तीसरी 33000 रुपये डाली जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य बेघर परिवारों और कच्चे या फिर टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले परिवारों को 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान देने का महाभियान छेड़ा हुआ है। गुमटबिहारी पंचायत के सरपंच रमजान खान ने बताया कि उनके गांव में 8 बीपीएल मकानों की तीसरी किस्त नहीं मिली है। (संवाद)
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गरीबों की कौन करे परवाह
नांगल मुबारिकपुर के मांगेराम, खेड़ली कलां की समसीरा, मोहलाका के कासम, हाजरा ने बताया कि छतों का पटाव डालना है। सभी कागज कई महीनेे पहले पूरे करा दिए थेेेेेेे, अभी तक तीसरी किस्त नहीं आई है। कहते हैं गरीबों की कोई परवाह नहीं कर रहा। कच्ची झोपड़ी में रातें काटनी पड़ती है। बारिश का पानी नीचे टपकता है। मकान की छत नहीं डालने से मिट्टी खिसक गई है। ज्यादा बारिश में रात को डर लगता है।
ऐसे होता है निर्माण कार्य
पहली किस्त में मकान को कुर्सी तक करने के लिए 40 हजार रुपये मिले थेे। दूसरी में पटाव तक करने के लिए 45 हजार खाते में आए। संबंधित अधिकारी कहते हैं कि 25 हजार रुपये तीसरी किस्त में डलेंगे। मकानों के लिए 1 लाख 20 रुपये आए थे। इनमें से कुछ मकान कई साल पुराने हैं जिन्हेें तीन किस्तों में 91 हजार रुपये मिलने हैं। योजना में लागत बढ़ने से नए मकानों को 1 लाख 40 हजार रुपये मिल रहेे हैं।
लाभार्थियों की पात्रता
प्रधानमंत्री आवास योजना, इंदिरा आवास योजना और प्रदर्शनी आवास योजना के अंतर्गत मंजूर हुए मकानों के लिए पात्र लाभार्थियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, जॉब कार्ड और बीपीएल सूची में नाम होना जरूरी है। केवल प्रधानमंत्री आवास योजना में अब जरूरतमंद गरीबों के लिए भी आवास देना अनिवार्य कर दिया है यहां बीपीएल होने की कोई शर्त नहीं है।
250 से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्हें तीसरी किस्त नहीं मिली है जिसमें 175 ऐसे हैं जिन्हें दूसरी किस्त नहीं मिली है। उनके जरूरी कागजात जमा कर लिए गए हैं। 15 अगस्त से पहले पहले किस्त मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री आवास योजना योजना की किस्तें बराबर आ रही है।
- वीरेंद्र सिंह कुंडू, बीडीपीओ नगीना।