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Noida News: जीपीएस लगाकर विक्रेता खुद चुराते थे कार, दो गिरफ्तार
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चोरी की दो अर्टिगा बरामद, कार बेचते समय दूसरी चाबी बनवा लेते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पुरानी कारें खरीदने और बेचने वाले दो विक्रेताओं ने कार चोरी करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। आरोपी कार बेचने से पहले नकली चाबी बनवाने के अलावा जीपीएस भी लगा देते थे। बेचने के बाद जीपीएस लोकेशन और कार की नकली चाबी से बहुत आसानी से उसे चोरी कर दोबारा बेच दिया जाता था। कृष्णा नगर थाना पुलिस ने कार चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आदर्श नगर, लोनी निवासी अंकित तिवारी (21) और सूरजपुर, नोएडा निवासी मोहित मलिक (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो अर्टिगा कार बरामद की हैं। तीसरा साथी विकास 26 फरवरी, 24 से एक मामले में बुलंदशहर की जेल में बंद है। चोरी की गाड़ी को इन लोगों ने पंजाब के फाजिल्का में अजय को बेच दिया था। पुलिस ने चोरी की एक गाड़ी अजय के पास से बरामद की है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि 12 फरवरी को वेस्ट कांति नगर निवासी सुल्तान ने अर्टिगा चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कृष्णा नगर थाना प्रभारी मुकेश राणा व अन्यों की टीम ने पड़ताल शुरू की। करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि उत्तराखंड नंबर की आई-10 कार में सवार होकर आए दो बदमाशों ने कार चोरी की। बहुत आसानी से उन्होंने कार का दरवाजा खोला और उसे ले गए। जांच करने पर पता चला कि कार छह बार पहले बिक चुकी थी। पुलिस ने एक-एक कर सभी पुराने मालिकों से पूछताछ की। इसके साथ पुलिस ने मेरठ, मुरादाबाद, खतौली, मुजफ्फरनगर और दिल्ली-एनसीआर में छापे मारे। छानबीन के बाद दोनों आरोपियों को ईडीएम मॉल आनंद विहार से दबोचा गया। दोनों ने बताया कि वह पुरानी कारों को खरीदने-बेचने का काम करते हैं। कार अंकित और विकास ने चुराई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पुरानी कारें खरीदने और बेचने वाले दो विक्रेताओं ने कार चोरी करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। आरोपी कार बेचने से पहले नकली चाबी बनवाने के अलावा जीपीएस भी लगा देते थे। बेचने के बाद जीपीएस लोकेशन और कार की नकली चाबी से बहुत आसानी से उसे चोरी कर दोबारा बेच दिया जाता था। कृष्णा नगर थाना पुलिस ने कार चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आदर्श नगर, लोनी निवासी अंकित तिवारी (21) और सूरजपुर, नोएडा निवासी मोहित मलिक (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो अर्टिगा कार बरामद की हैं। तीसरा साथी विकास 26 फरवरी, 24 से एक मामले में बुलंदशहर की जेल में बंद है। चोरी की गाड़ी को इन लोगों ने पंजाब के फाजिल्का में अजय को बेच दिया था। पुलिस ने चोरी की एक गाड़ी अजय के पास से बरामद की है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि 12 फरवरी को वेस्ट कांति नगर निवासी सुल्तान ने अर्टिगा चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कृष्णा नगर थाना प्रभारी मुकेश राणा व अन्यों की टीम ने पड़ताल शुरू की। करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की गई। जांच में पता चला कि उत्तराखंड नंबर की आई-10 कार में सवार होकर आए दो बदमाशों ने कार चोरी की। बहुत आसानी से उन्होंने कार का दरवाजा खोला और उसे ले गए। जांच करने पर पता चला कि कार छह बार पहले बिक चुकी थी। पुलिस ने एक-एक कर सभी पुराने मालिकों से पूछताछ की। इसके साथ पुलिस ने मेरठ, मुरादाबाद, खतौली, मुजफ्फरनगर और दिल्ली-एनसीआर में छापे मारे। छानबीन के बाद दोनों आरोपियों को ईडीएम मॉल आनंद विहार से दबोचा गया। दोनों ने बताया कि वह पुरानी कारों को खरीदने-बेचने का काम करते हैं। कार अंकित और विकास ने चुराई थी।
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