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Noida News: सुरक्षा समूह ने यीडा को सौंपी कार्ययोजना, टोल दर और कार्यकाल बढ़ाने की मांग
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सुरक्षा समूह ने यीडा को सौंपी कार्ययोजना, टोल दर और कार्यकाल बढ़ाने की मांग
-यीडा ने 1689 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजे की मांग की
-जेपी इंफ्राटेक को दी जाने वाली 79 एकड़ भूमि और बढ़ा हुए एफएआर मांगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के साथ बृहस्पतिवार को हुई बैठक में सुरक्षा समूह के अधिकारियों ने अपनी कार्ययोजना सौंपी गई। बैठक में सुरक्षा समूह की ओर से जेपी इंफ्रा को दी जाने वाली 79 एकड़ जमीन की मांग की गई। साथ ही एफएआर एवं टोल दर बढ़ाने के अलावा कार्यकाल बढ़ाने की भी मांग की गई। उधर, सुरक्षा समूह की कार्य योजना का वित्तीय परीक्षण करने के लिए प्राधिकरण ने एक सलाहकार कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया है। साथ ही 1689 करोड़ रुपये किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मुआवजे की मांग रखी है। अब कंपनी एक माह में अपनी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंपेगी।
दरअसल, जेपी इंफ्राटेक के मामले में एनसीएलटी ने सुरक्षा कंपनी को टेकओवर करने की अनुमति दे दी है। इसमें एनसीएलटी ने मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का आदेश दिया था। सुरक्षा समूह की ओर से आईआरपी अनुज जैन ने दो और खरीदारों को इसमें शामिल करते हुए पांच लोगों की कमेटी बनाई है। सुरक्षा समूह की ओर से सीईओ आलोक दवे के साथ यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह समेत कई अधिकारियों की बैठक हुई। प्राधिकरण की ओर से इन सभी प्रस्ताव का वित्तीय परीक्षण कराने के बाद ही आगे का कदम उठाने की बात कही गई। हालांकि यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने सुरक्षा समूह के अधिकारियों से किसानों को दिए जाने वाले 1689 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे का प्लान मांगा है कि कब तक यह राशि प्राधिकरण को मुहैया कराई जाएगी। इस पर सुरक्षा समूह की ओर से सहमति तो दी गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। गौरतलब है कि जेपी इंफ्राटेक दिवालिया होने के कारण एनसीएलटी में चला गया था। इससे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में एक्सप्रेसवे व जेपी की परियोजनाओं को पूरा करने का संकट आ गया था। एनसीएलटी की ओर से जेपी को दिवालिया घोषित करते हुए सुरक्षा समूह को टेकओवर करने का आदेश दिया था। इसमें करीब 10 हजार किसानों को 1689 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना है।
सुरक्षा के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। इसमें उनकी ओर से अपनी कार्ययोजना दी गई है। उस कार्य योजना का वित्तीय परीक्षण कराने के लिए कुरी एंड ब्राउन कंपनी को सलाहकार नियुक्त किया है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।
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-यीडा ने 1689 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजे की मांग की
-जेपी इंफ्राटेक को दी जाने वाली 79 एकड़ भूमि और बढ़ा हुए एफएआर मांगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के साथ बृहस्पतिवार को हुई बैठक में सुरक्षा समूह के अधिकारियों ने अपनी कार्ययोजना सौंपी गई। बैठक में सुरक्षा समूह की ओर से जेपी इंफ्रा को दी जाने वाली 79 एकड़ जमीन की मांग की गई। साथ ही एफएआर एवं टोल दर बढ़ाने के अलावा कार्यकाल बढ़ाने की भी मांग की गई। उधर, सुरक्षा समूह की कार्य योजना का वित्तीय परीक्षण करने के लिए प्राधिकरण ने एक सलाहकार कंपनी करी एंड ब्राउन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नियुक्त किया है। साथ ही 1689 करोड़ रुपये किसानों को दिए जाने वाले अतिरिक्त मुआवजे की मांग रखी है। अब कंपनी एक माह में अपनी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंपेगी।
दरअसल, जेपी इंफ्राटेक के मामले में एनसीएलटी ने सुरक्षा कंपनी को टेकओवर करने की अनुमति दे दी है। इसमें एनसीएलटी ने मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का आदेश दिया था। सुरक्षा समूह की ओर से आईआरपी अनुज जैन ने दो और खरीदारों को इसमें शामिल करते हुए पांच लोगों की कमेटी बनाई है। सुरक्षा समूह की ओर से सीईओ आलोक दवे के साथ यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह समेत कई अधिकारियों की बैठक हुई। प्राधिकरण की ओर से इन सभी प्रस्ताव का वित्तीय परीक्षण कराने के बाद ही आगे का कदम उठाने की बात कही गई। हालांकि यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने सुरक्षा समूह के अधिकारियों से किसानों को दिए जाने वाले 1689 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे का प्लान मांगा है कि कब तक यह राशि प्राधिकरण को मुहैया कराई जाएगी। इस पर सुरक्षा समूह की ओर से सहमति तो दी गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। गौरतलब है कि जेपी इंफ्राटेक दिवालिया होने के कारण एनसीएलटी में चला गया था। इससे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में एक्सप्रेसवे व जेपी की परियोजनाओं को पूरा करने का संकट आ गया था। एनसीएलटी की ओर से जेपी को दिवालिया घोषित करते हुए सुरक्षा समूह को टेकओवर करने का आदेश दिया था। इसमें करीब 10 हजार किसानों को 1689 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना है।
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सुरक्षा के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। इसमें उनकी ओर से अपनी कार्ययोजना दी गई है। उस कार्य योजना का वित्तीय परीक्षण कराने के लिए कुरी एंड ब्राउन कंपनी को सलाहकार नियुक्त किया है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण।