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Noida News: 4.8 करोड़ के लोन घोटाले के मास्टरमाइंड को नहीं मिली जमानत
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की एक अदालत से 4.8 करोड़ रुपये के फर्जी बैंक लोन घोटाले में गिरफ्तार आरोपी अशोक कुमार उर्फ दीपक उर्फ रिकी को राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, बरामद दस्तावेजों और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए जमानत देने से इंकार किया।
मामला थाना सूरजपुर से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार गिरोह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन स्वीकृत कराए गए थे। गिरोह पर आरोप है कि उसने मृत महिला रतना वासुदेव की संपत्ति के फर्जी कागजात तैयार कर बैंक से 4.8 करोड़ रुपये का लोन पास कराया था। एसटीएफ नोएडा टीम ने पिछले साल दिसंबर-2025 में फर्जी प्रोफाइल बनाकर होम लोन के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान पत्र बनवाकर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन्हीं खातों के जरिये लोन की रकम ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे।
इस पूरे प्रकरण में कई बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है। आरोपी अशोक कुमार के पास से विभिन्न नामों की बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए थे। एक आधार कार्ड पर नाम अनिल जैन दर्शाया गया था। जबकि उस पर फोटो अशोक कुमार का था। इसी तरह ताराचंद नाम से बने दो अलग-अलग पैन कार्ड भी मिले, जिन पर एक ही व्यक्ति का फोटो था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की एक अदालत से 4.8 करोड़ रुपये के फर्जी बैंक लोन घोटाले में गिरफ्तार आरोपी अशोक कुमार उर्फ दीपक उर्फ रिकी को राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, बरामद दस्तावेजों और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए जमानत देने से इंकार किया।
मामला थाना सूरजपुर से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार गिरोह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन स्वीकृत कराए गए थे। गिरोह पर आरोप है कि उसने मृत महिला रतना वासुदेव की संपत्ति के फर्जी कागजात तैयार कर बैंक से 4.8 करोड़ रुपये का लोन पास कराया था। एसटीएफ नोएडा टीम ने पिछले साल दिसंबर-2025 में फर्जी प्रोफाइल बनाकर होम लोन के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान पत्र बनवाकर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन्हीं खातों के जरिये लोन की रकम ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे।
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इस पूरे प्रकरण में कई बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है। आरोपी अशोक कुमार के पास से विभिन्न नामों की बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र और पांच मोबाइल फोन बरामद हुए थे। एक आधार कार्ड पर नाम अनिल जैन दर्शाया गया था। जबकि उस पर फोटो अशोक कुमार का था। इसी तरह ताराचंद नाम से बने दो अलग-अलग पैन कार्ड भी मिले, जिन पर एक ही व्यक्ति का फोटो था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।
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