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Noida News: मुनाफे का लालच तो किसी को लोन दिलाने का वादा कर 1.25 करोड़ की ठगी
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किसी को मुनाफे का लालच तो किसी को लोन दिलाने का वादा कर ठगी
-साइबर क्राइम थाने में चार ठगी की प्राथमिकी हुई दर्ज, 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर अपराधियों ने फरेब का जाल बिछाकर अलग-अलग चार लोगों से ठगी की है। यह ठगी एक महिला, कारोबारी, रिटायर्ड अधिकारी और बुजुर्ग से 1 करोड़ 25 लाख 96 हजार रुपये की हुई। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना व सेक्टर-113 थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 48.70 लाख की ठगी :
दादरी निवासी संतोष सिंह पैकिंग सामग्री का कारोबार करते हैं। उनके मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक व्हाट्सएप संदेश आया था। बेहतर मुनाफे का दावा कर उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया और फर्जी वेबसाइट के जरिए निवेश का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर संतोष ने 6 जुलाई से 23 जुलाई के बीच अपने बैंक खातों से आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न संदिग्ध खातों में कुल 48,70,136 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुनाफा न मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
फर्जी बैंक अधिकारी बनकर महिला से ठगी : ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी स्वप्ना बाग (58) को बैंक का प्रतिनिधि बनकर एक जालसाज ने कॉल की। आरोपी ने खाते में संदिग्ध गतिविधि होने की बात कहकर महिला को बातों में उलझा लिया। इसके बाद बिना अनुमति के महिला की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़ दी गई। आरोपियों ने गिफ्ट वाउचर खरीदे और वर्चुअल डेबिट कार्ड व अन्य तरीकों से 18 लाख 55 हजार रुपये निकाले। पीड़ित ने बैंक को सूचित कर खाता सुरक्षित कराया और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
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लोन दिलाने के बहाने रिटायर्ड अधिकारी से 200 बार में 53 लाख रुपये की ठगी : सेक्टर-119 निवासी सुभाशीष सरकार (67) को उम्र अधिक होने के कारण बैंकों से लोन नहीं मिल रहा था। इसी दौरान मुनवर हुडा नामक व्यक्ति ने व्हॉट्सएप के जरिए संपर्क कर एनबीएफसी से 12 प्रतिशत ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने पीड़ित के आधार, पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट हासिल कर लिए। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, आरटीजीएस चार्ज, एडवांस ईएमआई और स्टाम्प पेपर के नाम पर डरा-धमकाकर 200 बार में कुल 53,15,930 रुपये अलग-अलग खातों ट्रांसफर करा लिए। आखिर में पीड़ित ने ठगी की जानकारी होने पर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
क्रेडिट कार्ड से 5 लाख 15 हजार रुपये उड़ाये : सेक्टर-77 स्थित प्रतीक विस्टेरिया सोसाइटी निवासी वरुण वशिष्ठ के ससुर को जालसाज ने आईजीएल कर्मचारी बनकर फोन किया। बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर व्हाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी। फाइल खोलते ही बुजुर्ग का मोबाइल हैक हो गया और आरोपियों ने बैंकिंग क्रेडेंशियल व ओटीपी हासिल कर लिए। ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 5 लाख 15 हजार 412 रुपये निकाल लिए। शिकायत पर प्राथमिकी सेक्टर-113 थाने में दर्ज हुई।
योगेश तिवारी
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-साइबर क्राइम थाने में चार ठगी की प्राथमिकी हुई दर्ज, 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर अपराधियों ने फरेब का जाल बिछाकर अलग-अलग चार लोगों से ठगी की है। यह ठगी एक महिला, कारोबारी, रिटायर्ड अधिकारी और बुजुर्ग से 1 करोड़ 25 लाख 96 हजार रुपये की हुई। पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना व सेक्टर-113 थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 48.70 लाख की ठगी :
दादरी निवासी संतोष सिंह पैकिंग सामग्री का कारोबार करते हैं। उनके मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक व्हाट्सएप संदेश आया था। बेहतर मुनाफे का दावा कर उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया और फर्जी वेबसाइट के जरिए निवेश का लालच दिया गया। आरोपियों के झांसे में आकर संतोष ने 6 जुलाई से 23 जुलाई के बीच अपने बैंक खातों से आरटीजीएस के माध्यम से विभिन्न संदिग्ध खातों में कुल 48,70,136 रुपये ट्रांसफर कर दिए। मुनाफा न मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
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फर्जी बैंक अधिकारी बनकर महिला से ठगी : ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी स्वप्ना बाग (58) को बैंक का प्रतिनिधि बनकर एक जालसाज ने कॉल की। आरोपी ने खाते में संदिग्ध गतिविधि होने की बात कहकर महिला को बातों में उलझा लिया। इसके बाद बिना अनुमति के महिला की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तोड़ दी गई। आरोपियों ने गिफ्ट वाउचर खरीदे और वर्चुअल डेबिट कार्ड व अन्य तरीकों से 18 लाख 55 हजार रुपये निकाले। पीड़ित ने बैंक को सूचित कर खाता सुरक्षित कराया और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
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लोन दिलाने के बहाने रिटायर्ड अधिकारी से 200 बार में 53 लाख रुपये की ठगी : सेक्टर-119 निवासी सुभाशीष सरकार (67) को उम्र अधिक होने के कारण बैंकों से लोन नहीं मिल रहा था। इसी दौरान मुनवर हुडा नामक व्यक्ति ने व्हॉट्सएप के जरिए संपर्क कर एनबीएफसी से 12 प्रतिशत ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने पीड़ित के आधार, पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट हासिल कर लिए। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, आरटीजीएस चार्ज, एडवांस ईएमआई और स्टाम्प पेपर के नाम पर डरा-धमकाकर 200 बार में कुल 53,15,930 रुपये अलग-अलग खातों ट्रांसफर करा लिए। आखिर में पीड़ित ने ठगी की जानकारी होने पर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
क्रेडिट कार्ड से 5 लाख 15 हजार रुपये उड़ाये : सेक्टर-77 स्थित प्रतीक विस्टेरिया सोसाइटी निवासी वरुण वशिष्ठ के ससुर को जालसाज ने आईजीएल कर्मचारी बनकर फोन किया। बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर व्हाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी। फाइल खोलते ही बुजुर्ग का मोबाइल हैक हो गया और आरोपियों ने बैंकिंग क्रेडेंशियल व ओटीपी हासिल कर लिए। ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 5 लाख 15 हजार 412 रुपये निकाल लिए। शिकायत पर प्राथमिकी सेक्टर-113 थाने में दर्ज हुई।
योगेश तिवारी