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Noida News: बेटी को ससुराल से निकालने के विवाद में की थी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष की हत्या

Fri, 01 Dec 2023 01:38 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Dec 2023 01:38 AM IST
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RWA president was murdered over a dispute to evict his daughter from her in-laws.
बेटी को ससुराल से निकालने के विवाद में की थी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष की हत्या
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- पुलिस ने आरोपी समधी शेखर यादव को लाइसेंसी रिवाल्वर समेत किया गिरफ्तार
- मुकदमों को लेकर पंचायत में हो चुका था समझौता, कोर्ट में फैसले से पहले की वारदात

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के फार्म हाउस में 27 नवंबर की रात आरडब्ल्यू अध्यक्ष अशोक यादव की समधी शेखर यादव ने बेटी को ससुराल से निकालने को लेकर हुए विवाद में हत्या की थी। अशोक यादव के बेटे और शेखर की बेटी के बीच मुकदमेबाजी कोर्ट में चल रही थी। जिसको लेकर पंचायत में समझौता हो गया था और न्यायालय में फैसला होना बाकी था। अमर उजाला ने 29 नवंबर के अंक में ही ‘न्यायालय में फैसले से पहले कर दी हत्या’ शीर्षक से पूरे मामले का समाचार प्रकाशित किया था। अब पुलिस ने अशोक यादव के समधी प्रोपर्टी डीलर शेखर यादव को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है।

डीसीपी सुनीति ने बताया कि बिसरख कोतवाली क्षेत्र के फार्म हाउस में सोमवार रात होशियारपुर गांव निवासी विनोद यादव की बेटी की शादी थी। शादी में विनाेद यादव पक्ष के बुलावे पर उनके दोस्त आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अशोक यादव और हापुड़ निवासी चंद्रशेखर उर्फ शेखर यादव भी आए थे। अशोक और शेखर दोनों समधी हैं। अशोक के बेटे दिनेश और शेखर की बेटी ज्योति का वर्ष 2021 में विवाह हुआ था, लेकिन कुछ माह बाद ही दिनेश और ज्योति में विवाद हो गया। इसके बाद से ज्योति मायके में रह रही थी। शेखर यादव पक्ष की ओर से दहेज उत्पीड़न व ससुराल से निकालने और गुजारा खर्चा आदि का केस दर्ज कराया था। इसके बाद अशोक यादव पक्ष ने तलाक का केस कोर्ट में डाल दिया। कुछ दिन पहले पंचायत ने दोनों पक्षों के बीच 70 लाख रुपये में समझौता करा दिया था। ये रुपये भी बिचौलिया के पास रखवा दिए गए थे। बेटी को ससुराल से निकालने को लेकर विवाह समारोह में हुए विवाद को लेकर शेखर ने अशोक की हत्या कर दी। ये भी पता चला है कि शेखर समझौते से संतुष्ट नहीं था।
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आरोपी बोला, बेटी पर की टिप्पणी, पीड़ित बोले रची साजिश
आरोपी शेखर ने पुलिस को बताया कि कि विवाह समारोह में अशोक ने बेटी को लेकर टिप्पणी की थी। इसको लेकर विवाद में उसने हत्या की। उसका कहना था कि बेटी के लिए ऐसी टिप्पणी कोई पिता नहीं सुन सकता। हालांकि मामले में केस दर्ज कराने वाले अशोक यादव के बेटे भूपेंद्र ने बताया कि शेखर यादव व अन्य आरोपियों ने साजिश रचकर उन्हें व उनके पिता को विवाह समारोह में बुलाया और हत्या की। वह घटना स्थल पर मौजूद थे। तभी शेखर यादव उनके पिता अशोक के पास पहुंचे और हाथ पकड़कर खींचते हुए कहा कि आज तुझसे बात करनी है। भूपेंद्र व उनके ताऊ आदि ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी और फिर गोली मारकर उनके पिता की हत्या कर दी।
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रिवाल्वर संग बाइक पर लिफ्ट लेकर हुआ फरार

आरोपी शेखर समारोह से लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर फरार हुआ। आरोपी ने किसी बाइक वाले से लिफ्ट भी ली। आरोपी हापुड़ क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के घर लोकेशन बदलकर छुपता रहा। पुलिस ने आरोपी को बुधवार देर रात तिगरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद की है। डीसीपी का कहना है कि आरोपी के पास रिवाल्वर के अलावा एक दोनाली बंदूक भी है। इनके लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जा रही है।

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दुल्हन का पिता भी नामजद, स्वतंत्र गवाहों के बयान पर होगी कार्रवाई
भूपेंद्र ने इस मामले में शेखर यादव, उसके भाई यशपाल, वेदप्रकाश उर्फ खब्बी, बेटे रौनक, भतीजे गौरव, सौरव, भांजा विकास और दुल्हन के पिता विनोद यादव और छह अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। भूपेंद्र का कहना है कि विनोद यादव भी आरोपी का समधी है। डीसीपी का कहना है कि स्वतंत्र गवाहों के आधार पर इस मामले में अन्य आरोपियों पर की कार्रवाई की जाएगी।
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