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Noida News: दंपती के बैंक खातों से 10.26 लाख रुपये निकाले
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गाजियाबाद। इंदिरापुरम के अभय खंड-द्वितीय स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू निवासी उत्तम चंद मित्तल (70) और उनकी पत्नी रेखा मित्तल के बैंक खातों से साइबर ठगों ने 10.26 लाख रुपये इमीडिएट पेमेंट सर्विस (ईएमपीएस) के जरिए धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली। साइबर ठगी होने से पूर्व पीड़ित ने शाखा प्रबंधक को फोन, मैसेज और ईमेल द्वारा बैंक खातों में बगैर उनकी अनुमति के लेनदेन न होने का निवेदन भी किया। बैंक मैनेजर के आश्वासन के बावजूद उनके दो बैंक खातों से धनराशि निकाल ली गई।
पीड़ित उत्तम चंद मित्तल के अनुसार तीन मार्च 2025 को उन्हें एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को इंडसडंड बैंक मुंबई कार्यालय का प्रतिनिधि बताया। प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि उनके बैंक खाते में कोई व्यक्ति 8.50 लाख रुपये भेजने का प्रयास कर रहा है। कॉलर की बात सुनकर उत्तम चंद मित्तल ने इंदिरापुरम स्थित इंडसडंड बैंक प्रबंधक को मैसेज, कॉल और ईमेल से सूचित किया और अपने और पत्नी के बैंक खातों से बगैर उनकी अनुमति के लेन-देन करने से साफ इंकार किया। बताया कि शाखा प्रबंधक ने उन्हें आश्वस्त किया कि दोनों खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। बताया कि उन्हें अहसास हुआ कि तीन मार्च को ही करीब साढे पांच बजे उनके बैंक खाते में कुछ लाभार्थी जोड़े गए। जिसके बाद शाम सात बजे उत्तम चंद मित्तल और उनकी पत्नी रेखा मित्तल के बैंक खाते से ईएमपीएस के जरिए 10 अलग-अलग बैंक खातों में 10 लाख 26 हजार 984 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। जिसके बाद फिर से बैंक मैनेजर को फोन कर साइबर ठगी की बाबत जानकारी दी गई। बताया कि सात मार्च को उनके बैंक खाते में दो लाख 77 हजार 610 रुपये वापस करा दिए गए हैं। उत्तम चंद मित्तल ने बाकी सात लाख 46 हजार 373 रुपये वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत धोखाधड़ी से संपत्ति स्थानांत्रित करने की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कंप्यूटर संसाधनों से धनराशि स्थानांत्रित करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है।
-बॉक्स लगाएं-
-शिक्षिका ने रील पर किया क्लिक, 6.11 लाख रुपये गंवाए-
गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र की अवंतिका कॉलोनी निवासी सविता तनेजा (50) एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। बताया कि वह इंस्टाग्राम पर रील देख रही थीं। एक रील पर घर बैठे काम देने और मोटा मुनाफा कमाने वाला विज्ञापन देखा। जिस पर क्लिक करते ही कॉलर ने उनके मोबाइल पर संपर्क किया और टास्क रिव्यू करने पर प्रतिदिन 200 रुपये कमाने की झांसा दिया। शुरुआत में निशुल्क टास्क दिए गए और कमीशन के तौर पर 120 रुपये उनके बैंक खाते में भेजे गए। बताया कि इसके बाद उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा और प्री-पेड टास्क लेकर मोटी कमाई होने का आश्वासन दिया। पीड़िता ने गहने और कपडों के विज्ञापन पर लाइक कर टास्क पूरे किए। खाते में उन्हें मुनाफा भी दर्शाया जाता रहा। ऐसे में उन्होंने करीब दो माह तक छह लाख 11 हजार 40 रुपये निवेश किए। सविता तनेजा ने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो साइबर ठगों ने अतिरिक्त धनराशि मांगी। पीड़िता ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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-वर्जन-
दंपती के खातों से ऑनलाइन साइबर ठगी की गई है। बैंक कर्मियों की सजगता से दो लाख से अधिक धनराशि फ्रीज कर दी गई है। इसके अलावा महिला से टेलीग्राम टास्क के जरिए ठगी की गई है। दोनों मामलों की जांच की जा रही है। - पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी अपराध।
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पीड़ित उत्तम चंद मित्तल के अनुसार तीन मार्च 2025 को उन्हें एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को इंडसडंड बैंक मुंबई कार्यालय का प्रतिनिधि बताया। प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि उनके बैंक खाते में कोई व्यक्ति 8.50 लाख रुपये भेजने का प्रयास कर रहा है। कॉलर की बात सुनकर उत्तम चंद मित्तल ने इंदिरापुरम स्थित इंडसडंड बैंक प्रबंधक को मैसेज, कॉल और ईमेल से सूचित किया और अपने और पत्नी के बैंक खातों से बगैर उनकी अनुमति के लेन-देन करने से साफ इंकार किया। बताया कि शाखा प्रबंधक ने उन्हें आश्वस्त किया कि दोनों खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। बताया कि उन्हें अहसास हुआ कि तीन मार्च को ही करीब साढे पांच बजे उनके बैंक खाते में कुछ लाभार्थी जोड़े गए। जिसके बाद शाम सात बजे उत्तम चंद मित्तल और उनकी पत्नी रेखा मित्तल के बैंक खाते से ईएमपीएस के जरिए 10 अलग-अलग बैंक खातों में 10 लाख 26 हजार 984 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। जिसके बाद फिर से बैंक मैनेजर को फोन कर साइबर ठगी की बाबत जानकारी दी गई। बताया कि सात मार्च को उनके बैंक खाते में दो लाख 77 हजार 610 रुपये वापस करा दिए गए हैं। उत्तम चंद मित्तल ने बाकी सात लाख 46 हजार 373 रुपये वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत धोखाधड़ी से संपत्ति स्थानांत्रित करने की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कंप्यूटर संसाधनों से धनराशि स्थानांत्रित करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है।
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-शिक्षिका ने रील पर किया क्लिक, 6.11 लाख रुपये गंवाए-
गाजियाबाद। कविनगर क्षेत्र की अवंतिका कॉलोनी निवासी सविता तनेजा (50) एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। बताया कि वह इंस्टाग्राम पर रील देख रही थीं। एक रील पर घर बैठे काम देने और मोटा मुनाफा कमाने वाला विज्ञापन देखा। जिस पर क्लिक करते ही कॉलर ने उनके मोबाइल पर संपर्क किया और टास्क रिव्यू करने पर प्रतिदिन 200 रुपये कमाने की झांसा दिया। शुरुआत में निशुल्क टास्क दिए गए और कमीशन के तौर पर 120 रुपये उनके बैंक खाते में भेजे गए। बताया कि इसके बाद उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा और प्री-पेड टास्क लेकर मोटी कमाई होने का आश्वासन दिया। पीड़िता ने गहने और कपडों के विज्ञापन पर लाइक कर टास्क पूरे किए। खाते में उन्हें मुनाफा भी दर्शाया जाता रहा। ऐसे में उन्होंने करीब दो माह तक छह लाख 11 हजार 40 रुपये निवेश किए। सविता तनेजा ने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो साइबर ठगों ने अतिरिक्त धनराशि मांगी। पीड़िता ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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दंपती के खातों से ऑनलाइन साइबर ठगी की गई है। बैंक कर्मियों की सजगता से दो लाख से अधिक धनराशि फ्रीज कर दी गई है। इसके अलावा महिला से टेलीग्राम टास्क के जरिए ठगी की गई है। दोनों मामलों की जांच की जा रही है। - पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी अपराध।