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Noida News: एआई की मदद से मोहल्ला बसों के रूट होंगे तय
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परिवहन मंत्री ने कहा, सार्वजनिक परिवहन में तकनीक का इस्तेमाल दिल्ली के लिए होगा गेम-चेंजर
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32 एटीआई की बनाई टीमें, चार जोन में बांटकर तय होगा रूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। परिवहन विभाग मोहल्ला बसों के रूट तय करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रहा है। आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से प्रमुख क्षेत्रों को इंगित करने और बस मार्गों को डिजाइन करने के लिए बिग डेटा एनालिटिक्स और एआई-संचालित समाधानों का उपयोग किया जा रहा है।
साथ में दिल्ली सरकार ने रूट की पहचान करने और क्षेत्र में मोहल्ला बसों के संचालन की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए सहायक यातायात निरीक्षकों (एटीआई) को भी तैनात किया है। 32 सहायक यातायात निरीक्षकों (एटीआई) की एक टीम बनाई गई है, जिन्हें चार जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में चार एटीआई की दो टीमें हैं। ये टीमें रूट पर मोहल्ला बसों के संचालन की व्यावहारिक चुनौतियों को समझने काम करेंगी। टीम इन क्षेत्रों में नए मार्ग शुरू करने पर जनता से इनपुट भी जुटाएगी। बृहस्पतिवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में एआई और बिग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग दिल्ली के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। मोहल्ला बस रूट को अंतिम रूप देने में एटीआई की भी मदद ली जा रही है। कम सेवा वाले और अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करके, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मोहल्ला बस नेटवर्क न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाए, बल्कि कुशलतापूर्वक और स्थायी रूप से संचालित भी हो। मोहल्ला बस सेवा सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एकत्रित बिग डेटा का विश्लेषण कर एआई तकनीक मोहल्ला बस तैनाती के लिए कम सेवा वाले और उच्च फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायक होगी। इससे एक अनुकूलित रूट नेटवर्क डिजाइन करने में मदद मिलेगी।
कई तरह के माॅडल किए जाएंगे विकसित
आईआईटी-दिल्ली ऐसे गंतव्य की पहचान करने के लिए एक मॉडल विकसित करेगा जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद वर्तमान में कम बसें चल रही हैं। यह मॉडल वर्तमान नेटवर्क और कनेक्टिविटी का मूल्यांकन करने के लिए रियल वर्ल्ड ट्रैवल टाइम डेटा का उपयोग करेगा। साथ ही, नेटवर्क-वाइड ट्रैवल डिमांड मॉडल स्थान-आधारित सेवाओं और जीपीएस-सक्षम ऐप से यात्रा डेटा एकत्र करेगा। यात्रा पैटर्न का विश्लेषण करने और उच्च-फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए यह दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से सवारियों के डेटा का भी विश्लेषण करेगा।
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रूट नेटवर्क डिजाइन
विकसित मॉडल का उपयोग कर आईआईटी-दिल्ली मोहल्ला बसों के लिए एक कुशल रूट नेटवर्क डिजाइन करेगा। अधिकारियों ने बताया कि एआई की मदद के अलावा, मोहल्ला बसाें के रूट निर्धारण के लिए क्षेत्र के विधायकों, स्थानीय लोगों के इनपुट और परिवहन विभाग की तकनीकी टीम द्वारा 30-दिवसीय व्यापक जमीनी मूल्यांकन के दौरान एकत्र किए गए डेटा का भी इस्तेमाल कर रही है।
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32 एटीआई की बनाई टीमें, चार जोन में बांटकर तय होगा रूट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। परिवहन विभाग मोहल्ला बसों के रूट तय करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रहा है। आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से प्रमुख क्षेत्रों को इंगित करने और बस मार्गों को डिजाइन करने के लिए बिग डेटा एनालिटिक्स और एआई-संचालित समाधानों का उपयोग किया जा रहा है।
साथ में दिल्ली सरकार ने रूट की पहचान करने और क्षेत्र में मोहल्ला बसों के संचालन की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए सहायक यातायात निरीक्षकों (एटीआई) को भी तैनात किया है। 32 सहायक यातायात निरीक्षकों (एटीआई) की एक टीम बनाई गई है, जिन्हें चार जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में चार एटीआई की दो टीमें हैं। ये टीमें रूट पर मोहल्ला बसों के संचालन की व्यावहारिक चुनौतियों को समझने काम करेंगी। टीम इन क्षेत्रों में नए मार्ग शुरू करने पर जनता से इनपुट भी जुटाएगी। बृहस्पतिवार को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में एआई और बिग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग दिल्ली के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। मोहल्ला बस रूट को अंतिम रूप देने में एटीआई की भी मदद ली जा रही है। कम सेवा वाले और अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करके, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मोहल्ला बस नेटवर्क न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाए, बल्कि कुशलतापूर्वक और स्थायी रूप से संचालित भी हो। मोहल्ला बस सेवा सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एकत्रित बिग डेटा का विश्लेषण कर एआई तकनीक मोहल्ला बस तैनाती के लिए कम सेवा वाले और उच्च फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायक होगी। इससे एक अनुकूलित रूट नेटवर्क डिजाइन करने में मदद मिलेगी।
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कई तरह के माॅडल किए जाएंगे विकसित
आईआईटी-दिल्ली ऐसे गंतव्य की पहचान करने के लिए एक मॉडल विकसित करेगा जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद वर्तमान में कम बसें चल रही हैं। यह मॉडल वर्तमान नेटवर्क और कनेक्टिविटी का मूल्यांकन करने के लिए रियल वर्ल्ड ट्रैवल टाइम डेटा का उपयोग करेगा। साथ ही, नेटवर्क-वाइड ट्रैवल डिमांड मॉडल स्थान-आधारित सेवाओं और जीपीएस-सक्षम ऐप से यात्रा डेटा एकत्र करेगा। यात्रा पैटर्न का विश्लेषण करने और उच्च-फुटफॉल वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए यह दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से सवारियों के डेटा का भी विश्लेषण करेगा।
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रूट नेटवर्क डिजाइन
विकसित मॉडल का उपयोग कर आईआईटी-दिल्ली मोहल्ला बसों के लिए एक कुशल रूट नेटवर्क डिजाइन करेगा। अधिकारियों ने बताया कि एआई की मदद के अलावा, मोहल्ला बसाें के रूट निर्धारण के लिए क्षेत्र के विधायकों, स्थानीय लोगों के इनपुट और परिवहन विभाग की तकनीकी टीम द्वारा 30-दिवसीय व्यापक जमीनी मूल्यांकन के दौरान एकत्र किए गए डेटा का भी इस्तेमाल कर रही है।