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वन विभाग की भूमि से हटाया कब्जा
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फिरोजपुर झिरका। अरावली की वादियों में वन विभाग की भूमि पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण और अवैध कब्जे सोमवार दोपहर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटा दिए गए।
वन विभाग का अतिक्रमण विरोधी दस्ता पीला पंजा लेकर तिजारा मार्ग पर पहुंचा। यहां काफी देर तक अवैध कब्जों पर कार्रवाई की गई। शहर के शिव मंदिर मार्ग पर वन विभाग की बेशकीमती जमीन है। यह जमीन वन विभाग के सेक्शन 4-5 के अंतर्गत है। ऐसी भूमि को वन विभाग पौधरोपण के काम में लेता है। भूमाफिया ने इस भूमि को दिखाकर कुछ लोगों को मकान बनाने का झांसा देकर रकम ऐंठ ली।
जानकारों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को भूमाफिया की जानकारी है, लेकिन वे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते। अरावली में बढ़ते अवैध कब्जों व अतिक्रमण को लेकर एनजीटी ने गाइडलाइन जारी की तो वन विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।
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इस बारे में रेंजर सुनील जैन का कहना है कि वन विभाग ने अवैध कब्जा हटवाने के लिए कानून के मुताबिक पूरी प्रक्रिया का पालन किया है। अतिक्रमणकारियों को तीन माह पहले नोटिस देकर जमीन खाली करने की अपील की गई थी। इसका असर नहीं होने पर वन विभाग ने दूसरा नोटिस दिया। अब अंतिम कार्रवाई से पहले तीसरा नोटिस कब्जेधारियों के मकानों पर चस्पा कर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने अतिक्रमण हटा दिया।
फोटो
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वन विभाग का अतिक्रमण विरोधी दस्ता पीला पंजा लेकर तिजारा मार्ग पर पहुंचा। यहां काफी देर तक अवैध कब्जों पर कार्रवाई की गई। शहर के शिव मंदिर मार्ग पर वन विभाग की बेशकीमती जमीन है। यह जमीन वन विभाग के सेक्शन 4-5 के अंतर्गत है। ऐसी भूमि को वन विभाग पौधरोपण के काम में लेता है। भूमाफिया ने इस भूमि को दिखाकर कुछ लोगों को मकान बनाने का झांसा देकर रकम ऐंठ ली।
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जानकारों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों को भूमाफिया की जानकारी है, लेकिन वे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते। अरावली में बढ़ते अवैध कब्जों व अतिक्रमण को लेकर एनजीटी ने गाइडलाइन जारी की तो वन विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।
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इस बारे में रेंजर सुनील जैन का कहना है कि वन विभाग ने अवैध कब्जा हटवाने के लिए कानून के मुताबिक पूरी प्रक्रिया का पालन किया है। अतिक्रमणकारियों को तीन माह पहले नोटिस देकर जमीन खाली करने की अपील की गई थी। इसका असर नहीं होने पर वन विभाग ने दूसरा नोटिस दिया। अब अंतिम कार्रवाई से पहले तीसरा नोटिस कब्जेधारियों के मकानों पर चस्पा कर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने अतिक्रमण हटा दिया।
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