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Noida News: सरकारी विभागों में ड्राइवरों की भर्ती डीटीसी के जरिये होगी

Fri, 21 Nov 2025 06:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 06:27 PM IST
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Recruitment of drivers in government departments will be done through DTC.
बिना डीटीसी से अनुमति लिए किसी भी विभाग को बाहरी स्रोतों से ड्राइवर रखने की इजाजत नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी विभागों में ड्राइवरों की नियुक्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी विभाग, निगम या स्वायत्त निकाय को यदि ड्राइवरों की आवश्यकता होगी तो सबसे पहले दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के उपलब्ध ड्राइवरों को ही तैनात किया जाएगा। सरकार के नए आदेश के अनुसार बिना डीटीसी से अनुमति लिए किसी भी विभाग को बाहरी स्रोतों से ड्राइवर रखने की इजाजत नहीं होगी।



वर्तमान में राजधानी की बसों का संचालन तो डीटीसी की तरफ से किया जा रहा है लेकिन उन बसों के चालक डीटीसी के नहीं हैं। ई-बसों में जिस कंपनी की बसें हैं उसी के चालक तैनात होते हैं। अब दिल्ली में ई-बसें ही आएंगी। ऐसे में डीटीसी के ड्राइवर बड़ी संख्या में खाली हो जाएंगे। सरकार ने ड्राइवरों का कौशल और अनुभव देखते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी तंत्र में ड्राइवरों की जो भी मांग होगी, उसे सबसे पहले डीटीसी के माध्यम से पूरा किया जाए। यदि कोई विभाग डीटीसी के उपलब्ध ड्राइवरों के बावजूद बाहरी उम्मीदवारों को नियुक्त करना चाहता है तो उसे पहले डीटीसी से एनओसी लेनी अनिवार्य होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीटीसी यह जांच करेगा कि उसके पास योग्य ड्राइवर उपलब्ध हैं या नहीं। यदि उपलब्ध होंगे तो विभाग को डीटीसी के ड्राइवर ही लेने होंगे और केवल डीटीसी की ना की स्थिति में ही बाहरी भर्ती का रास्ता खुलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि डीटीसी के वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सभी विभाग अपने यहां तैनात डीटीसी ड्राइवरों के वेतन का भुगतान स्वयं करेंगे।
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90 फीसदी पुरानी बसें सड़कों से हटीं

इस वर्ष अक्तूबर तक डीटीसी की लगभग 90 फीसदी पुरानी सीएनजी बसें सड़कों से हटाई जा चुकी हैं। राजधानी में फिलहाल 4,800 बसों का बेड़ा संचालित है जिसमें 660 छोटी और 2,000 बड़ी ई-बसें शामिल हैं। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार ने बड़े पैमाने पर सीएनजी बसें खरीदी थीं। यह बसें अब पुरानी हो चुकी हैं। इनकी जगह पर सरकार ई-बसें ला रही है। आदेश के अनुसार चाहे विभाग में स्थायी पद खाली हों या संविदा, अस्थायी, आउटसोर्सिंग से जुड़ी रिक्तियां। हर परिस्थिति में पहले डीटीसी ड्राइवरों की उपलब्धता जांची जाएगी।
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