नोएडा में नहीं वैक्सीन: कुत्ते ने काटा तो कैसे लगेगा रेबीज का टीका, स्टॉक खत्म; एक सप्ताह आपूर्ति के आसार नहीं
एआरवी का संकट अक्तूबर के पहले सप्ताह में भी था। तब हंगामे के बाद एआरवी की आपूर्ति मंगाई गई। करीब आठ दिन के बाद सीएचसी, पीएचसी पर वैक्सीन लगना शुरू हो सकी थी।
विस्तार
कुत्ता अगर काटे तो एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए खुद का इंतजाम कर लें। जिले की सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया है। स्वास्थ्य महकमा को करीब एक सप्ताह तक वैक्सीन की आपूर्ति मिलने की उम्मीद भी नहीं है। नतीजतन सीएचसी और पीएचसी पर वैक्सीन नहीं लग पा रही है। ऐसे में मरीज जिला संयुक्त अस्पताल में एआरवी लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अब यहां भी केवल 15 दिन का स्टॉक बचा है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय औषधि भंडार पर भी एआरवी उपलब्ध नहीं है। यह संकट तीन दिसंबर को ही शुरू हो गया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए प्रयास शुरू नहीं किए। बफर स्टॉक से करीब छह दिन तक वैक्सीन लगाई जाती रही। अब बफर स्टॉक भी खत्म हो चुका है। शनिवार को स्टाॅक में इमरजेंसी के लिए करीब 60 शीशी एआरवी बची है।
इसके बाद भी नेशनल रैबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अधिकारी इस संकट को छिपाने में लगे रहे। नोडल अधिकारी अमित कुमार शर्मा सभी मरीजों को वैक्सीन लगने का दावा कर रहे हैं। जिला संयुक्त अस्पताल में शनिवार को सीएचसी भंगेल, बिसरख, दादरी आदि से मरीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे। सभी को वैक्सीन दी गई है। इससे जिला अस्पताल में वैक्सीन का खर्च करीब 30 फीसदी बढ़ गया है। अगर 15 दिन में आपूर्ति केंद्रीय भंडार में नहीं आई तो यहां भी अरावी का स्टॉक खत्म हो जाएगा।
लापरवाही : दो महीने पहले भी रहा संकट
एआरवी का संकट अक्तूबर के पहले सप्ताह में भी था। तब हंगामे के बाद एआरवी की आपूर्ति मंगाई गई। करीब आठ दिन के बाद सीएचसी, पीएचसी पर वैक्सीन लगना शुरू हो सकी थी। केवल दो माह बाद ही फिर से वैसे ही हालात बन गए हैं।
बच्चे को कुत्ते ने काटा, सामुदायिक केंद्र पर इंजेक्शन खत्म
ग्रेनो वेस्ट की पंचशील ग्रींस वन सोसाइटी में शनिवार सुबह लावारिस कुत्तों ने 8 वर्ष के बच्चे के पैर में दो जगह काट लिया। बच्चे को दूसरी बार कुत्तों ने काटा है। परिजन उसे लेकर बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां एआरवी खत्म होने की जानकारी मिलने पर निजी अस्पताल में वैक्सीन लगवाई गई। निजी कंपनी में प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव सोसाइटी के टावर ए-1 में 10वीं मंजिल के फ्लैट में सपरिवार रहते हैं। शनिवार सुबह वह दोनों बच्चे के संग क्रिकेट खेल रहे थे। क्रिकेट खेलते समय गेंद पार्किंग एरिया में चली गई। छोटा बेटा (8) गेंद लेने पहुंचा। तभी लावारिस कुत्तों ने उसपर हमला कर पैर में दो जगह काट लिया। बेटे की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे सुनील ने कुत्तों को भगाया। सुनील ने बताया कि बेटे को करीब सालभर पहले भी लावारिस कुत्ते ने काटा था।
ऐसे में बच्चों का खेलना हो जाएगा बंद
निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोजाना बाहर से लावारिस कुत्ते अंदर आ रहे हैं। सुरक्षाकर्मी और एओए इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। आरोप लगाया है कि अगर यहीं हाल रहा तो फिर बच्चों का खेलना मुश्किल हो जाएगा। निवासियों के कहना है कि सोसाइटी के बाहर मैदान नहीं हैं और अंदर कुत्ते नहीं खेलने दे रहे हैं।
शनिवार सुबह एआरवी का स्टॉक खत्म हो गया। वेयरहाउस पर भी इंजेक्शन नहीं है। सोमवार तक आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। - सचिंद्र मिज्ञा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बिसरख सामुदायिक केंद्र