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Noida News: एक्सप्रेस जेनिथ में पानी की गुणवत्ता पर सवाल, टीडीएस 5.5 गुना अधिक
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-निजी लैब की जांच में कठोरता और क्लोराइड भी तय मानक से ज्यादा मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-77 स्थित एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर निवासियों की चिंता बढ़ गई है। निजी लैब से कराई गई जांच में भूजल का कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीडीएस) और कठोरता निर्धारित मानकों से काफी अधिक मिली। एक अक्तूबर को लिए गए नमूने की रिपोर्ट पांच अक्तूबर को जारी हुई।
अल्ट्राटेस्ट लैबोरेट्री की रिपोर्ट के अनुसार, पानी में टीडीएस 2787 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी तरह पानी की कुल कठोरता 1010 मिलीग्राम प्रति लीटर मिली, जबकि मानक 200 मिलीग्राम प्रति लीटर है।
निवासी सुमित दूबे के अनुसार, रिपोर्ट में क्लोराइड की मात्रा 1286.62 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज हुई, जबकि स्वीकार्य सीमा 250 मिलीग्राम प्रति लीटर है। पानी में कैल्शियम 312 और मैग्नीशियम 55.89 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला। हालांकि, नमूने में ई-कोलाई और कुल कोलीफॉर्म जैसे बैक्टीरिया नहीं पाए गए। निवासियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है। इसी कारण उन्होंने निजी लैब से जांच कराने का निर्णय लिया। रिपोर्ट सामने आने के बाद पानी की गुणवत्ता में सुधार और आपूर्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की उम्मीद जताई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-77 स्थित एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर निवासियों की चिंता बढ़ गई है। निजी लैब से कराई गई जांच में भूजल का कुल घुलनशील ठोस पदार्थ (टीडीएस) और कठोरता निर्धारित मानकों से काफी अधिक मिली। एक अक्तूबर को लिए गए नमूने की रिपोर्ट पांच अक्तूबर को जारी हुई।
अल्ट्राटेस्ट लैबोरेट्री की रिपोर्ट के अनुसार, पानी में टीडीएस 2787 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है। इसी तरह पानी की कुल कठोरता 1010 मिलीग्राम प्रति लीटर मिली, जबकि मानक 200 मिलीग्राम प्रति लीटर है।
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निवासी सुमित दूबे के अनुसार, रिपोर्ट में क्लोराइड की मात्रा 1286.62 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज हुई, जबकि स्वीकार्य सीमा 250 मिलीग्राम प्रति लीटर है। पानी में कैल्शियम 312 और मैग्नीशियम 55.89 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला। हालांकि, नमूने में ई-कोलाई और कुल कोलीफॉर्म जैसे बैक्टीरिया नहीं पाए गए। निवासियों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है। इसी कारण उन्होंने निजी लैब से जांच कराने का निर्णय लिया। रिपोर्ट सामने आने के बाद पानी की गुणवत्ता में सुधार और आपूर्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने संबंधित प्रबंधन और अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की उम्मीद जताई है।
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